स्व. मित्तल ने जीवन पर्यन्त शिक्षा, चिकित्सा और सेवा के क्षेत्र में समर्पित और निष्काम सेवा भावना से काम किया
गीता भवन ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष, समाजसेवी गोपालदास मित्तल की द्वितीय पुण्यतिथि पर आदरांजलि कार्यक्रम
इंदौर, । समाजसेवी गोपालदास मित्तल ने जीवन पर्यन्त शिक्षा, चिकित्सा और सेवा के क्षेत्र में समर्पित और निष्काम सेवा भावना से काम किया। उनके द्वारा स्थापित अग्रसेन विद्यालय, कसेरा बाजार विद्या निकेतन जैसे शिक्षण संस्थान और अन्नपूर्णा आश्रम से लेकर गीता भवन जैसे धर्म-संस्कृति से जुड़े संस्थानों में भी उन्होंने अपनी लगन और सूझबूझ से अनेक ऐसे प्रकल्प स्थापित किए हैं, जो हमारी नई पीढ़ी को संस्कारित और चैतन्य बना रहे हैं। मित्तलजी ने विरासत में मिली अपनी पहचान को हर क्षेत्र में स्थापित कर समाज को बहुत कुछ दिया है। उनके बताए रास्ते पर चलकर ही हम इन सभी संस्थाओं को बहुआयामी बना सकते हैं।
राज्य के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, विधायक महेंद्र हार्डिया, पार्षद एवं एमआईसी सदस्य नंदकिशोर पहाड़िया एवं अन्य अतिथियों ने सोमवार को गीता भवन सत्संग सभागृह में आयोजित कार्यक्रम में ब्रह्मलीन गोपालदास मित्तल की द्वितीय पुण्यतिथि पर उक्त विचार व्यक्त किए। गीता भवन ट्रस्ट के अध्यक्ष राम एरन, मंत्री रामविलास राठी, प्रेमचंद गोयल, दिनेश मित्तल, मनोहर बाहेती, अग्रसेन विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष रसनिधि कुमार गुप्ता, महेश सांघी, अमित गुप्ता, नमोनारायण मित्तल एवं गीता भवन न्यासी मंडल की ओर से हरीश जाजू, संजीव कोहली सहित गीता भवन सत्संग समिति के सदस्यों ने स्व. मित्तल के चित्र पर पुष्पांजलि समर्पित की। भीलवाड़ा (राजस्थान) से आए स्वामी हंसचैतन्य महाराज के सानिध्य में आयोजित आदरांजलि कार्यक्रम में स्व. मित्तल के परिजनों, श्रीमती मृदुला मित्तल, अर्पित-अदिति मित्तल, अव्यांश मित्तल आदि ने भी पुष्पांजलि समर्पित की। संचालन ट्रस्ट के मंत्री रामविलास राठी ने किया और आभार माना अध्यक्ष राम ऐरन ने। वक्ताओं ने स्व. मित्तल से जुड़े प्रेरक प्रसंग भी सुनाए और उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाजसेवा के क्षेत्र में उन्होंने 50 वर्ष पूर्व ऐसे समय में बड़े प्रोजेक्ट हाथ में लिए जब गिने-चुने लोग ही आगे आते थे। अग्रसेन भवन और अग्रसेन विद्यालय के लिए भूमि प्राप्त करने से लेकर अन्नपूर्णा मंदिर में भगवान भोलेनाथ की प्रतिमा को पाकिस्तान जाने से बचाने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।
—

