माँ लक्ष्मी की अर्चना, महाभिषेक, सहस्त्रार्चन और सौभाग्यवती पूजन के साथ गरबा महारास में शामिल हुए 151 युगल
संस्था शरणागति की मेजबानी में पहली बार हुआ आचार्य पं. राहुल कृष्ण शास्त्री के निर्देशन में महालक्ष्मी कोजागरी महोत्सव
इंदौर, 26 अक्टूबर। शरद पूर्णिमा की शीतल और स्निग्ध चांदनी रात में कार्तिक मास की पूर्व बेला में श्री श्रीविद्याधाम के आचार्य डॉ. राहुल कृष्ण शास्त्री के निर्देशन और संतों के सानिध्य में माँ लक्ष्मी की अर्चना-पूजन, महाभिषेक, सहस्त्रार्चन एवं सौभाग्यवती पूजन के पश्चात गरबा महारास की अलौलिक छटा ने ऐसा दिव्य और मनोहारी आनंद बरसाया कि मुक्ताकाश के नीचे बहती शीतल बयार और दूधिया चांदनी जीवंत हो उठी। 151 युगलों की मौजूदगी, श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के रंग ने इस उत्सव को इन्द्रधनुषी रंगों से और अधिक रोशन बना दिया।
संस्था शरणागति की मेजबानी में छोटा बांगडदा, एयरपोर्ट रोड स्थित बाबाश्री रिसोर्ट पर हुए इस श्रीमहालक्ष्मी कोजागरी महोत्सव का शुभारंभ वीर अलीजा मंदिर के गादीपति पवनानंद ब्रह्मचारी, राष्ट्रकवि पं. सत्यनारायण सत्तन और शिक्षाविद डॉ. विनायक पांडे एवं पं. दिनेश शर्मा के सानिध्य मे मंगल कलश पर स्थापित महालक्ष्मी स्वरूप श्रीयंत्र के पूजन के साथ हुआ। इस अवसर पर शहर के अनेक संत-विद्वान और वैदिक बटुक भी उपस्थित थे। डॉ. राहुल कृष्ण शास्त्री ने 151 दम्पत्तियों को महालक्ष्मी की उपासना का महत्व तो बताया ही, शरद पूर्णिमा और कोजागरी महोत्सव की महत्ता भी बताई। सोलह श्रृंगार और परम्परागत परिधान में सज-धजकर आए यजमान युगलों ने उनके निर्देशन में शास्त्रोक्त विधि से खीर, मालपुए, गुलाबजामुन, माखन मिश्री के लड्डू, गंढेरी, किशमिश, मखाने, पान, कमलगट्टा, कुमकुम आदि पदार्थों से लक्षार्चन की विधि सम्पन्न की।
इस दौरान शरद पूर्णिमा की चांदनी, मंत्रोच्चार और सुगन्धित पदार्थों की मनोहारी महक ने महालक्ष्मी के सहस्त्र नामों के अर्चन को प्रासंगिक एवं अविस्मरणीय बना दिया। सौभाग्यवती और कुंवारी कन्याओं के पाद पूजन ने इस उत्सव की आभा एवं छटा को भक्ति एवं श्रद्धा से सराबोर बना दिया। यजमान समूह के लाखन सिंह, सुनील शर्मा, जी.पी. गोयन, पवन अग्रवाल, चन्द्रमोहन अग्रवाल, मुन्ना भार्गव, दीपम-शुभम शुक्ला, अंकिता सिंगी ने समस्त माताओं का पूजन और सम्मान किया। व्यवस्थाओ का सुंदर संयोजन राजकिशोर शर्मा, विनय शर्मा, गौरव शर्मा, गोवर्धन सोनगरा, धर्मेश शास्त्री, कैलाश तिवारी, ओम यादव ने किया।
संस्था के प्रमुख पं. दिनेश शर्मा ने कहा कि यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, माँ भगवती की असीम कृपा, श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक आनंद से भरपूर दिव्य अनुभूति का प्रसंग था। कार्यक्रम के अंत में डॉ. राहुलकृष्ण शास्त्री सहित भूदेवों ने यजमानों के साथ ही नगर, प्रदेश और राष्ट्र पर माँ महालक्ष्मी और माँ अम्बे की कृपा निरंतर बरसते रहने की मंगल कामनाएं भी व्यक्त की। सभी श्रद्धालुओं ने लक्षार्चन के बाद वृन्दावन से आए संगीतज्ञों और राधा – कृष्ण स्वरूप के साथ सनातन संस्कृति के अनुरूप परम्परागत गरबा गीतों पर महारास का भी आनंद लिया।

