चिकित्सा शिक्षा में मानवता, डिजिटल साक्षरता और हर दिन सीखने की ललक जरूरी : डॉ. अभिजात सेठ
इंडेक्स मेडिकल कॉलेज में व्हाइट कोट सेरेमनी, नए मेडिकल विद्यार्थियों ने लिया सेवा और समर्पण का संकल्प
एनएमसी चेयरमैन डॉ. अभिजात चंद्रकांत सेठ ने इंडेक्स मेडिकल कॉलेज में विद्यार्थियों को पहनाया व्हाइट
चिकित्सा के क्षेत्र में संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों का रखें ध्यान
इंदौर।इंडेक्स मेडिकल कॉलेज, हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर,मालवांचल यूनिवर्सिटी में व्हाइट कोट सेरेमनी का आयोजन किया गया। समारोह में नए मेडिकल विद्यार्थियों ने चिकित्सा जगत में प्रवेश के साथ मरीजों की सेवा, नैतिक मूल्यों और अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहने का संकल्प लिया कार्यक्रम में नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के चेयरमैन डॉ. अभिजात चंद्रकांत सेठ मुख्य अतिथि,विशिष्ट अतिथि पूर्व अमेरिकी विदेश सेवा चिकित्सा अधिकारी डॉ.राजेश व्यास,प्रो.दविंदर कुमार सेंट जॅार्ज हेल्थकेयर एनएचएस ट्रस्ट यूके उपस्थित रहे। इस अवसर पर विद्यार्थियों के चेहरे पर उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला। मेडिकल शिक्षा के नए सफर की शुरुआत के इस खास मौके पर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के अभिभावक भी मौजूद रहे। समारोह में मयंक वेलफेयर फाउंडेशन के चेयरमैन सुरेश सिंह भदौरिया, वाइस चेयरमैन मयंकराज सिंह भदौरिया और डीन डॉ. संजीव नारंग ने मुख्य अतिथि डॉ. अभिजात चंद्रकांत सेठ सहित अतिथियों को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।
बदलती स्वास्थ्य चुनौतियों को समझना भी जरूरी
एनएमसी चेयरमैन डॉ. अभिजात चंद्रकांत सेठ ने कहा कि चिकित्सा का क्षेत्र केवल डिग्री हासिल करने और डॉक्टर बनने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानवता की सेवा, निरंतर सीखने और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है। एक अच्छे डॉक्टर के लिए चिकित्सा ज्ञान के साथ संवेदनशीलता, डिजिटल साक्षरता और बदलती स्वास्थ्य चुनौतियों को समझना भी जरूरी है। डिजिटल साक्षरता के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं। भविष्य के डॉक्टरों को नई तकनीक और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ खुद को अपडेट रखना होगा।ऐसे में मेडिकल विद्यार्थियों को अपने ज्ञान को लगातार बढ़ाने के साथ मरीजों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण बनाए रखना चाहिए। डॉ. सेठ ने कहा कि जीवन में हर दिन कुछ नया सीखने की ललक बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) आज डॉक्टरों की समस्याओं के समाधान के साथ मेडिकल विद्यार्थियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी लगातार काम कर रहा है।उन्होंने विशेष रूप से नई पीढ़ी में बढ़ते मानसिक तनाव पर चिंता जताते हुए कहा कि आज के समय में रैगिंग से लेकर मानसिक तनाव जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए एनएमसी प्रयासरत है। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अपने मानसिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना चाहिए।
सकारात्मक सोच के साथ बेहतर स्वास्थ्य की दिशा दिखाना होगी
मयंक वेलफेयर फाउंडेशन के वाइस चेयरमैन मयंकराज सिंह भदौरिया ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षा में कई चुनौतियों के बाद आज आप इस दिन तक पहुंचे है। मेडिकल की पढ़ाई केवल डॉक्टर बनने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि मानव सेवा, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ जीवनभर जुड़ने का संकल्प है। सफेद कोट पहनना एक मेडिकल विद्यार्थी के लिए गर्व का क्षण होने के साथ ही समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारियों की शुरुआत भी है। व्हाइट कोट सेरेमनी मेडिकल शिक्षा का एक महत्वपूर्ण संस्कार माना जाता है। यह विद्यार्थियों को चिकित्सा पेशे की गरिमा, अनुशासन और मरीजों के प्रति उनकी जिम्मेदारी का एहसास कराता है। डॉक्टर का काम केवल बीमारी का उपचार करना ही नहीं, बल्कि मरीज और उसके परिवार को विश्वास, संवेदना और सकारात्मक सोच के साथ बेहतर स्वास्थ्य की दिशा दिखाना भी है। सफेद कोट चिकित्सकीय ज्ञान के साथ ईमानदारी, सेवा भावना और मानवीय मूल्यों का प्रतीक है।
समाज और मरीजों के प्रति एक नई जिम्मेदारी भी शुरू
डॅा.राजेश व्यास ने कहा कि मेडिकल क्षेत्र में बेहतर भविष्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे विद्यार्थियों के लिए यह अवसर उनके शैक्षणिक जीवन की यादगार शुरुआत बना। डॅा.प्रो. दविंदर कुमार ने कहा कि व्हाइट कोट सेरेमनी मेडिकल विद्यार्थियों के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। सफेद कोट केवल एक परिधान नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण, अनुशासन और जिम्मेदारी का प्रतीक है। डीन डॅा.संजीव नारंग ने कहा कि आज का दिन केवल एक करियर की शुरुआत नहीं है, बल्कि अपने सपनों को पूरा करने की सबसे बड़ी चुनौती का पहला दिन है। सफेद कोट पहनने के साथ ही समाज और मरीजों के प्रति एक नई जिम्मेदारी भी शुरू होती है।मेडिकल की पढ़ाई में सफलता केवल अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं है। एक अच्छा डॉक्टर बनने के लिए निरंतर अध्ययन, व्यवहार कुशलता, धैर्य, अनुशासन और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता भी जरूरी है। चिकित्सा के क्षेत्र में बदलती तकनीक और नई चुनौतियों के बीच मानवीय दृष्टिकोण बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
अभिभावकों के लिए भी रहा भावुक पल
व्हाइट कोट सेरेमनी में विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और खास बना दिया। मेडिकल शिक्षा में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों की मेहनत और अभिभावकों के सहयोग का यह महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। कई अभिभावकों के लिए अपने बच्चों को सफेद कोट में देखना गर्व और भावुकता से भरा क्षण रहा। परिवार के सदस्यों ने विद्यार्थियों को चिकित्सा के क्षेत्र में आगे बढ़ने और समाज की सेवा करने के लिए प्रोत्साहित किया। इंडेक्स मेडिकल कॉलेज में आयोजित इस समारोह ने नए विद्यार्थियों के लिए मेडिकल शिक्षा के सफर को एक नई पहचान दी। व्हाइट कोट पहनने के साथ विद्यार्थियों ने अपने भविष्य के पेशे की गरिमा को समझते हुए सेवा और समर्पण की दिशा में कदम बढ़ाया। कार्यक्रम में अतिथियों, कॉलेज प्रबंधन, विद्यार्थियों और अभिभावकों की सहभागिता ने समारोह को यादगार बनाया।

