*51 मीटर लंबे हस्तनिर्मित रामायण चित्रपट ने मोहा दर्शकों का मन, देशभर के कलाकारों की*
*कलाकृतियां बनीं आकर्षण का द हाट ऑफ आर्ट के 15वें सीजन में महिला सशक्तिकरण, ट्राइबल आर्ट और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर

इंदौर |कला, रचनात्मकता और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के अनूठे संगम ‘द हाट ऑफ आर्ट’ के 15वें सीजन का आयोजन 30 अक्टूबर से अभय प्रशाल ऑडिटोरियम में किया जा रहा है। तीन दिवसीय इस कला प्रदर्शनी में देशभर के कलाकारों की पेंटिंग्स, मूर्तियां, समकालीन कलाकृतियां और विभिन्न कला शैलियों का आकर्षक प्रदर्शन किया जा रहा है। आयोजन में महिला कलाकारों की उल्लेखनीय भागीदारी के साथ महिला सशक्तिकरण, ट्राइबल आर्ट को प्रोत्साहन और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
अभिनेता विंदू दारा सिंह ने दीप प्रज्वलित कर पेंटिंग प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर दादू महाराज और प्रवीण कक्कड़ भी विशेष रूप से मौजूद थे। उद्घाटन के बाद विंदू दारा सिंह ने प्रदर्शनी में लगे विभिन्न कलाकारों के स्टॉल का अवलोकन किया और कलाकारों से मुलाकात कर उनकी कलाकृतियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने पेंटिंग्स की बारीकियों, उनकी कला शैली और उन्हें तैयार करने की प्रक्रिया को भी समझा।
तीन दिवसीय इस कला प्रदर्शनी में देशभर के कलाकारों की पेंटिंग्स, मूर्तियां, समकालीन कलाकृतियां और विभिन्न कला शैलियों का आकर्षक प्रदर्शन किया जा रहा है।
आयोजन में महिला कलाकारों की उल्लेखनीय भागीदारी के साथ महिला सशक्तिकरण, ट्राइबल आर्ट को प्रोत्साहन और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
प्रदर्शनी का उद्देश्य केवल कला को प्रदर्शित करना ही नहीं, बल्कि महिला कलाकारों और महिला उद्यमियों को अपनी प्रतिभा एवं उत्पादों के लिए एक प्रभावी मंच उपलब्ध कराना भी है। इसके माध्यम से पारंपरिक जनजातीय कला और भारतीय लोक कलाओं को नई पहचान दिलाने तथा कलाकारों को आर्थिक और व्यावसायिक अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
*51 मीटर लंबा हस्तनिर्मित रामायण चित्रपट मुख्य आकर्षण*
इस आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण 51 मीटर लंबा हस्तनिर्मित रामायण चित्रपट है, जिसे इंदौर की प्रसिद्ध कलाकार डॉ. सीमा अलावा ने तैयार किया है। इस विशाल कलाकृति के निर्माण में कलाकार पवन निषाद और हर्ष जाटव ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। आईईए बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा इसे अपनी तरह की दुनिया की सबसे लंबी कलाकृति के रूप में मान्यता दी गई है। इसमें रामायण के 54 प्रमुख प्रसंगों को बेहद खूबसूरती से चित्रित किया गया है। चित्रपट के माध्यम से दर्शकों को भगवान श्रीराम के जीवन और रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों को चित्रों के जरिए देखने का अवसर मिल रहा है।
मधुबनी, मांडना से लेकर एक्रेलिक आर्ट और म्यूरल्स तक की झलक
प्रदर्शनी में कला की विविध शैलियों का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। यहां मधुबनी पेंटिंग, मांडना कला, स्केचिंग, एक्रेलिक पेंटिंग, म्यूरल्स और अन्य पारंपरिक एवं आधुनिक कला विधाओं की नायाब कलाकृतियां प्रदर्शित की जा रही हैं। इन कलाकृतियों में भारतीय लोक संस्कृति, जनजातीय परंपराओं और समकालीन कला की खूबसूरत अभिव्यक्ति देखने को मिलती है। देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकार अपनी विशिष्ट कला शैलियों और रचनात्मक प्रयोगों के माध्यम से दर्शकों को आकर्षित कर रहे हैं।
*महिला कलाकारों और उद्यमियों को मिलेगा नया मंच*
द हाट ऑफ आर्ट के इस संस्करण में महिला कलाकारों की सर्वाधिक भागीदारी इसकी विशेष पहचान है। आयोजन के माध्यम से महिलाओं को अपनी कला, हुनर और रचनात्मक उद्यम को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है। विशेष रूप से महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उन्हें अपनी कलाकृतियों और उत्पादों के प्रदर्शन एवं संभावित व्यावसायिक संपर्क विकसित करने का मंच उपलब्ध कराया जा रहा है।
द हाट ऑफ आर्ट का 15वां सीजन 1 नवंबर तक अभय प्रशाल ऑडिटोरियम में जारी रहेगा। प्रदर्शनी प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक कला प्रेमियों के लिए खुली रहेगी। 51 मीटर लंबे रामायण चित्रपट, देशभर के कलाकारों की विविध कलाकृतियों और महिला सशक्तिकरण की विशेष पहल के साथ यह आयोजन इंदौर के सांस्कृतिक परिदृश्य में एक विशिष्ट पहचान बना रहा है।

