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माता-पिता की जीते-जी ही ऐसी सेवा करें कि तर्पण की नौबत ही न आए – राधे-राधे बाबा

माता-पिता की जीते-जी ही ऐसी सेवा करें कि तर्पण की नौबत ही न आए – राधे-राधे बाबा

हंसदास मठ पर निशुल्क तर्पण अनुष्ठान में 600 से अधिक साधकों ने किया तर्पण – कल से पितृ मोक्षदायी भागवत

इंदौर। भारतीय वैदिक सनातन परम्परा में तर्पण को अनिवार्य व्यवस्था माना गया है। यह अपने पितरों और पूर्वजों के प्रति श्रद्धा का ही स्वरुप है। जो संतान जीवनकाल में अपने माता-पिता की सेवा नहीं कर पाती अथवा किसी तरह की त्रुटि रह जाती है तो उसका समाधान तर्पण क्रिया के माध्यम से संभव है। हम जीते जी माता-पिता को भूखा रखें और मृत्यु के बाद उन्हें मेवा-मिष्ठान या 56 भोग लगाएं तो यह अक्षम्य अपराध होगा। सही तरीका यही है कि हम हमें जन्म देने वाले माता-पिता की उनके जीवनकाल में ही ऐसी सेवा करें कि तर्पण की जरूरत ही नहीं पड़े। भारतीय धर्म और संस्कृति में जितने प्रावधान मौजूद हैं, वे राष्ट्र को समृद्धि देकर संस्कारित समाज बनाते हैं।

ये दिव्य विचार हैं महामंडलेश्वर स्वामी राधे-राधे बाबा के, जो उन्होंने गुरुवार को एयरपोर्ट रोड, पीलियाखाल स्थित हंसदास मठ पर श्रद्धा सुमन सेवा समिति की मेजबानी में आयोजित तर्पण अनुष्ठान में हंसपीठाधीश्वर श्रीमहंत रामचरणदास महाराज एवं महामंडलेश्वर महंत पवनदास महाराज के सानिध्य में चल रहे तर्पण अनुष्ठान की षष्ठी तिथि पर साधकों को सनातन धर्म और संस्कृति की मजबूती के लिए निरंतर योगदान करने की शपथ दिलाते हुए व्यक्त किए। पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय ने भी सुबह आयोजन स्थल पहुंचकर सभी साधकों के प्रति सदभावनाएँ व्यक्त की और तर्पण में बैठे सात वर्षीय बालक विनायक तिवारी का सम्मान किया। इसके पूर्व प्रख्यात भागवताचार्य पं. पुष्पानंदन पवन तिवारी ने आज भी 600 से अधिक साधकों से उनके पूर्वजों की स्मृति में तर्पण अनुष्ठान संपन्न कराया। भगवान हरि विष्णु के पूजन के साथ अनुष्ठान का शुभारंभ हुआ। प्रारंभ में संस्था की ओर से हरि अग्रवाल, राजेन्द्र सोनी, राजेन्द्र गर्ग, महेंद्र विजयवर्गीय, डॉ. चेतन सेठिया, मुरलीधर धामानी, सूरजसिंह राठौड़, माणकचंद पोरवाल, दिलीप साहू, उमेश गेहलोत आदि ने वैदिक मंगलाचरण के बीच अतिथियों का स्वागत किया। तर्पण के बाद निर्धनों, पशु-पक्षियों के लिए खीर प्रसाद, गौ सेवा, ब्राह्मण सेवा, देव दर्शन आदि की व्यवस्था भी यहां प्रतिदिन रखी गई है।

कल से पितृ मोक्षदायी भागवत – समिति के हरि अग्रवाल एवं राजेंद्र सोनी ने बताया कि हंसदास मठ पर श्राद्ध पक्ष में 10 अक्टूबर तक प्रतिदिन सुबह 8 से 10 बजे तक तर्पण अनुष्ठान होगा। आम श्रद्धालु यहां आकर निःशुल्क तर्पण कर सकेंगे। तर्पण मे प्रयुक्त सभी सामग्री की व्यवस्था समिति द्वारा की जा रही है। इस दौरान शनिवार 3 अक्टूबर से पितृ मोक्षदायी भागवत कथा भी आचार्य पं. पुष्पानंदन पवन तिवारी के श्रीमुख से प्रतिदिन दोपहर 2 से 5 बजे तक होगी। कथा में कालूराम–श्यामा पटेल दम्पत्ति मुख्य यजमान मनोनीत किए गए हैं जो स्व. छोगालाल पटेल, मातुश्री स्व. संपत बाई पटेल एवं शुभम पटेल की पावन स्मृति में यह आयोजन करेंगे। जिन परिजनों को अपने पितरों के निधन की तिथि ज्ञात है, वे उस तिथि के दिन हंसदास मठ पहुंच जाएं। जिन्हें अपने पितरों की मृत्यु की तिथि ज्ञात नहीं है, वे सर्वपितृ अमावस्या पर 10 अक्टूबर को शामिल हो सकते हैं।

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