*महान संवत्सरी पर्व पर केशरी वाटिका में होगा महाप्रतिक्रमण*
*गच्छाधिपति आचार्य श्री नित्यसेन सूरीश्वरजी की निश्रा में जुटेगा त्रिस्तुतिक संप्रदाय, पुरुषों के लिए 2000 एवं महिलाओं के लिए 3000 श्रद्धालुओं की व्यवस्था
इंदौर। महान संवत्सरी पर्व के अवसर पर त्रिस्तुतिक संप्रदाय द्वारा गच्छाधिपति आचार्य देव श्रीमद् विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी म.सा. की निश्रा में महाप्रतिक्रमण का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन 15 सितम्बर 2026, मंगलवार को एयरपोर्ट रोड स्थित केशरी वाटिका में संपन्न होगा। इस अवसर पर त्रिस्तुतिक संप्रदाय का बच्चा-बच्चा धर्मआराधना में सहभागी बनेगा।
महाप्रतिक्रमण दोपहर 3:30 बजे से प्रारंभ होगा। पुरुषवर्ग गुरुराज जयंतसेन “मधुकर” मंडप में एक साथ बैठकर प्रतिक्रमण करेंगे। पुरुषों के लिए लगभग 2000 श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था की गई है। वहीं, सुबह 6 बजे से पौषध आराधना प्रारंभ होगी।
पांडाल प्रभारी श्री दिनेश मेहता ने बताया कि पुरुष श्रद्धालुओं के लिए एक साथ बैठकर प्रतिक्रमण करने की समुचित व्यवस्था की गई है। नरेंद्र सुराणा ने बताया कि महिलाओं की संख्या अधिक होने के कारण केशरी वाटिका में महिलाओं का प्रतिक्रमण दो चरणों में संपन्न होगा। प्रथम चरण में दोपहर 1:30 बजे लगभग 1500 महिलाएं तथा द्वितीय चरण में शाम 4 बजे लगभग 1500 महिलाएं प्रतिक्रमण करेंगी।
साध्वीजी चिरागकलाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा-03 की निश्रा भी प्राप्त होगी। प्रतिक्रमण के पश्चात सभी श्रद्धालु एक-दूसरे से जाने-अनजाने में हुई भूलों के लिए क्षमा याचना करेंगे। इसके बाद विशेष प्रभावना, धार्मिक साहित्य एवं पत्र-पत्रिकाओं का वितरण किया जाएगा।
संवत्सरी पर्व आत्मशुद्धि, तप, त्याग और क्षमाभाव की विशेष आराधना का महापर्व है। इस दिन वर्षभर में प्राणिमात्र के प्रति हुई गलतियों के लिए क्षमा मांगी जाती है। वर्षभर के पापों और भूलों का प्रायश्चित करते हुए प्रत्येक जीव से क्षमापना की जाती है। जैन धर्म में संवत्सरी को 84 लाख जीव योनियों से क्षमायाचना करने का महाधर्म माना गया है।
यह पर्व हमें अहिंसा, आत्मचिंतन, संयम और परस्पर मैत्री का संदेश देता है। प्रतिक्रमण के माध्यम से श्रद्धालु अपने अंतर्मन का अवलोकन कर जीवन में सदाचार एवं आध्यात्मिक शुद्धि का संकल्प लेंगे।
मिच्छामि दुक्कडम्।


