शाम अग्रसेन जयंती महोत्सव का मुख्य जुलूस राजबाड़ा से चिमनबाग मैदान तक, मार्ग में 25 स्वागत मंचों से होगा पितृपुरुष एवं कुलदेवी का पूजन
अग्रवाल समाज केन्द्रीय समिति के तत्वावधान में महाराजा अग्रसेन के रथ को पुरुष एवं महालक्ष्मी के रथ को मातृशक्ति हाथों से खीचेंगे
इंदौर। शहर के 140 अग्रवाल संगठनों की प्रतिनिधि शीर्ष संस्था श्री अग्रवाल समाज केन्द्रीय समिति के तत्वावधान में रविवार, 11 अक्टूबर को शाम 5 बजे राजबाड़ा चौक से जेलरोड स्थित चिमनबाग मैदान तक निकाले जाने वाले भव्य जुलूस में पितृ पुरुष महाराजा अग्रसेन के सुसज्जित रथ को पुरुष एवं कुलदेवी महालक्ष्मी की पालकी को मातृशक्ति अपने हाथों से खींचते हुए चलेंगे। मार्ग में 25 स्थानों पर विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से स्वागत मंच लगाकर महाराजा अग्रसेन, महालक्ष्मी एवं श्रीनाथजी का पूजन तथा समाजबंधुओं का स्वागत किया जाएगा। अग्रवाल सांस्कृतिक मंच नंदानगर और अग्रसेन यूथ क्लब के कार्यकर्ता जुलूस की व्यवस्था संभालेंगे।
वरिष्ठ समाजसेवी विनोद अग्रवाल, प्रमुख संयोजक प्रेमचंद गोयल के मार्गदर्शन में संयोजक गणेश गोयल एवं अरविन्द बागड़ी ने बताया कि चिमनबाग मैदान पर डेढ़ लाख वर्गफुट क्षेत्र में पांडाल का निर्माण किया गया है जहाँ महाराजा अग्रसेन एवं कुलदेवी महालक्ष्मी के सुसज्जित दरबार सजाकर अलग मंडप में सामूहिक महाआरती होगी। भगवान श्रीनाथ को छप्पन भोग भी समर्पित किए जाएंगे। चिमनबाग मैदान पर 15 हजार समाजबंधुओं के लिए स्नेहभोज एवं फलाहार के निर्माण का काम शनिवार सुबह भट्टी पूजन के साथ प्रारंभ हो गया। इस बार भी जुलूस के अंत में मार्ग की सफाई के लिए वाहन एवं कर्मचारी साथ चलेंगे।
जुलूस में समाज के 18 गौत्र के प्रतीक अश्वारोही युवा, 12 लोगों की गरबा पार्टी, भजन मंडलियां, झांज-मंजीरा पार्टी, केरल की झांकी, बैंड दल, पंजाबी ढोल, हनुमान ढोल सहित अनेक वाद्य यंत्रों की सुर एवं स्वर लहरियों के बीच मंगल कलशधारी महिलाएं परंपरागत परिधान में शामिल रहेंगी। कुलदेवी महालक्ष्मी की पालकी की सज्जा भी मातृशक्ति द्वारा की गई है। जल रथ भी साथ चलेगा। केरल की वेशभूषा में सजे कलाकार महाराजा अग्रसेन के रथ के साथ चलेंगे।
पुरुष श्वेत धोती-कुर्ता या पायजामा तथा महिलाएं केशरिया परिधान में शामिल रहेंगे। महिलाओं के लिए सोलह श्रृंगार में सजी-धजी स्पर्धा और युवतियों के लिए कलश सज्जा स्पर्धा भी होगी एवं गरबा नृत्य के विजेताओं को चिमनबाग मैदान पर होने वाले सम्मेलन में पुरस्कृत किया जाएगा। इसी तरह फेंसी ड्रेस में शामिल बच्चों को भी पुरस्कार दिए जाएंगे। इस बार जुलूस में अनेक झांकियां भी शामिल रहेंगी। संगीत संध्या के बीच समाज बंधु चिमनबाग मैदान पर पितृ पुरुष की आराधना करेंगे।
महोत्सव की सभी व्यवस्थाओं के लिए पूर्व अध्यक्षों सर्वश्री राम ऐरन, पी.डी. अग्रवाल, कुलभूषण कुक्की, विष्णु बिंदल, संतोष गोयल, किशोर गोयल, संजय बांकड़ा, अरविंद बागड़ी, गोविंद सिंघल एवं राजेश बंसल के मार्गदर्शन में अलग-अलग समितियां गठित कर उन्हें जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। जुलूस और सम्मेलन स्थल की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। शनिवार को सुबह चिमनबाग मैदान पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भोजनशाला की भट्टी का पूजन किया गया। भोजनशाला में महिला-पुरुषों के लिए पृथक-पृथक व्यवस्था रखी गई है, वहीं फलाहार के लिए भी अलग व्यवस्था रहेगी। करीब 15 हजार समाजबंधु टेबल-कुर्सी पर बैठकर भोजन ग्रहण करेंगे। सभी व्यवस्थाएं केन्द्रीय समिति के पदाधिकारियों टीकमचंद गर्ग, रमेश मित्तल मेडिकेप्स, पवन सिंधानिया मोयरा, जगदीश गोयल बाबाश्री, प्रकाश मोमबत्ती एवं पूर्व अध्यक्षों के मार्गदर्शन में की गई है। जुलूस मार्ग की सफाई के लिए भी विशेष व्यवस्था की जा रही है। सबसे अंत में एक वाहन में सफाई के संसाधन एवं सफाईकर्मी साथ चलेंगे, ताकि हाथोंहाथ जुलूस मार्ग की सफाई की जा सके।
सुबह प्रतिमा पूजन- पितृ पुरुष महाराजा अग्रसेन की 5150वीं जयंती के उपलक्ष्य में नवलखा स्थित अग्रसेन प्रतिमा स्थल पर रविवार सुबह 9 बजे वरिष्ठ समाजसेवी विनोद अग्रवाल, प्रेमचंद गोयल एवं अन्य सभी पदाधिकारियों तथा पूर्व अध्यक्षों द्वारा महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा का पूजन कर माल्यार्पण एवं दुग्धाभिषेक किया जाएगा। शहर के सभी प्रमुख अग्रवाल संगठनों के प्रतिनिधि भी प्रतिमा पर माल्यार्ण कर अपने पितृ पुरुष को श्रद्धा-सुमन समर्पित करेंगे।
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