श्री लक्ष्मी वेंकटेश देवस्थान छत्री बाग में श्री ब्राह्मोंत्सव एवं रथयात्रा महोत्सव 10 से 16 जुलाई तक
इन्दौर। देश भर और इन्दौर शहर इस पावन उत्सव का वर्षभर इंतजार बना रहता है। उत्सव सानंद सम्पन् न हो इस हेतु पूर्व में 9 जुलाई को सायंकाल में श्री विश्वकसेन प्रभु का पूजन किया जाएगा, साथ ही श्री वेंकटेश महिला मंडल द्वारा दोपहर 3 बजे से संगीतमय सुंदरकांड बड़े भाव से किया जाएगा।
दिनांक 10 जुलाई को प्रातःकाल में ध्वजारोहण अनन्त श्रीविभूषित श्रीमद् जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्रीनागोरियापीठाधिपति स्वामीजी श्रीविष्णुप्रपन्नाचार्यजी महाराज के द्वारा सम्पन्न किया जाएगा ओर इसी के साथ श्रीब्रह्मोत्सव का शुभारंभ होगा। श्रीरंगम् से आये नादस्वरम् वाद्ययंत्र भी गोविन्दा की मधुर धुन गुंजायमान करेंगे। साथ शेषावतार श्री रामानुज स्वामीजी महाराज का रजत कलशों की सहस्त्रधारा से महाभिषेक किया जावेगा।
रात्रि में श्री रामानुज स्वामीजी महाराज की सवारी मंदिर परिसर में निकलेगी व सुमधुर भजनों की प्रस्तुति व स्तोत्र पाठ होंगे। दिनांक 11 जुलाई को भगवती श्रीमहालक्ष्मीजी का महाभिषेक होगा साथ ही लगभग 500 जोड़े भगवती श्री महालक्ष्मीजी की सामूहिक कुमकुम अर्चना देवस्थान में प्रातः काल में ॐ श्री श्रियै नमः के मंत्रोच्चार के साथ करेंगे।
साथ ही स्वर्ण पुष्प, रजत पुष्प, रजत तुलसी, केशर व सभी प्रकार के पुष्पों द्वारा भी 1008 नामों से अर्चना होगी। साथ ही इस दिन विशेष रूप से रजत कलश जिनमें दूध, दही, घी, शक् कर, इत्र, चंदन, पवित्र नदियों का जल सुगंधित द्रव्य पदार्थ से भगवती श्रीमहालक्ष्मीजी का महाभिषेक होगा।
भगवती श्रीमहालक्ष्मीजी की स्वर्ण मंगलगिरी पर शोभायात्रा निकलेगी जिसमें सुमधुर भजनों की प्रस्तुति होगी।
दिनांक 12 जुलाई को भगवान श्रीवेंकटेशजी का महाभिषेक होगा और छत्रीवाग में निकलेगी छोटी रथयात्रा। इस दिन प्रातः काल में प्रभु वेंकटेशजी का तिरुमंजन अभिषेक रजत कलशों की सहस्त्रधारा से किया जाएगा। साथ ही संत सभा का आयोजन होगा। रात्रि सत्र में प्रभु वेंकटेशजी की छोटी रथयात्रा भक्तों को दर्शन देने हेतु छत्रीवाग भ्रमण पर निकलेगी। पूरे छत्रीबाग को सजाया जाएगा, यात्रा गाजे-बाजे और भजनों के साथ निकलेगी जिसका पुष्पों से स्वागत पूरे मार्ग पर किया जाएगा।
दिनांक 13 जुलाई को विशेष रूप से वसंतोत्सव तिरुप्पावड़ा उत्सव देवस्थान में होगा। वसंतोत्सव में प्रभु श्रीवेंकटेशजी का चंदन पावडर, हल्दी, आंवला, अरीठा से महाभिषेक किया जावेगा। तत्पश्चात् तिरुपावड़ा जिसमें इमली के चांवल का प्रसाद भक्तों को मिलेगा। सायंकाल सत्र में गरुड़ वाहन पर प्रभु वेंकटेशजी की शोभायात्रा निकलेगी जिसके मनमोहक दर्शन भक्तों को होंगे।
दिनांक 14 जुलाई को प्रभु वेंकटेशजी का कल्याण उत्सव विवाहोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा, । प्रभु रंगनाथजी की बारात निकलेगी विवाह की धूम मचेगी। साथ ही प्रभु श्रीवेंकटेशजी का पूरे राजोचार के साथ विवाहोत्सव मनाया जावेगा। रात्रि के सत्र में परकाल स्वामी की लीला का सुंदर आयोजन होगा। जिसमें परकाल स्वामी भगवान को लूटकर ले जाते है। परकाल स्वामी की कथा नाटिका के मंचन के रुप से दिखाई जावेगी।
दिनांक 15 जुलाई को मनोहारी पुष्प बंगले में प्रभु वेंकटेशजी के मनमोहक दर्शन भक्तों को होंगे जिसमें कई हजारों की संख्या में भक्त कतारबद्ध होकर दर्शन करेंगे।
सर्वप्रथम शहर को पुष्प बंगले की सौगात देने वाले श्रीलक्ष्मी वेंकटेश देवस्थान में इस वर्ष भी वृन्दावन के मुख्य कलाकारों और साथ ही इन्दौर के कलाकारों द्वारा सुगंधित पुष्यों व ना-ना प्रकार की वस्तुओं द्वारा प्रभु वेंकटेशजी का दिव्य पुष्प बंगला सजाया जाएंगा। आज भी देवस्थान के दिव्य पुष्प बंगले के दर्शन हेतु सभी श्रृद्धालुओं को वर्षभर इंतजार रहता है, बल्कि पूरे देशभर से आये भक्त और भारत के बाहर भी भक्त ऑनलाईन दर्शन के लिए इंतजार में रहते है। इस वर्ष भी नए व अनुपम रूप में पुष्प बंगले में दर्शन करने को मिलेंगे और नजारा ऐसा अदभुत होगा कि देवस्थान कुछ अलग ही नजर आयेगा।
दिनांक 16 जुलाई जो कि सनातन संस्कृति में एक अदभुत दिवस है प्रभु की दूज का उत्सव जिसमें स्वयं प्रभु अपनी प्रजा का हाल जानने स्वयं रथारूढ़ होकर सनातन संस्कृति की परम्परागत व सम्पूर्ण मनोरथों को पूर्ण करने वाली देश की तीसरी गौरवशाली रथयात्रा में देवस्थान से निकलेंगे।
प्रचार प्रमुख पंकज तोतला ने बताया आज देवस्थान पत्रकार वार्ता में श्रीब्रह्मोत्सव कमेटी के प्रमुख रविन्द्र धूत, सत्यनारायण शर्मा, रमेश चितलांग्या, घनश्याम झंवर, महेन्द्र नीमा, पुखराज सोनी, सुमीत मंत्री, गोपाल नागौरी, भरत तोतला, पवन भलिका, प्रकाश फोफलिया, अजय लाहोटी, राजेन्द्र सोनी, अशोक डागा, कैलाश मूंगड़, पवन व्यास, संपत धूत, मनोज दाधीच मौजूद थे।
देश की तीसरी बडी गौरवमयी रथयात्रा जो लगभग 78 वर्षों से परम्परागत सतत् निकल रही है। मनोहारी रथयात्रा में प्रभु वेंकटेशजी रजत रथ जो कि वर्षभर एक बार निकलते है, जिस पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देने निकलते है और भक्त प्रभु की अगवानी बड़े सुंदर स्वरूप में करते है। इस वर्ष झाँकियों के माध्यम से प्रभु भक्ति व दक्षिण भारत के वाद्य यंत्रों की झलक नजर आयेगी। सभी समाजजन भी अपनी-अपनी समितियों के रथयात्रा में शामिल होंगे। सभी संस्थाओं एवं व्यापारीगण द्वारा अनेक मंच लगाकर यात्रा का स्वागत किया जावेगा।
श्रीब्रह्मोत्सव में आचार्य प्रवर्तक शेषवतार श्रीरामानुज स्वामीजी के जीवन काल पर होंगे सप्त दिवसीय दर्शन।
महोत्सव में प्रतिदिन प्रातः सत्र में वेंकटरमणा गोविन्दा, श्रीनिवासा गोविन्दा नाम जप परिक्रमा, भगवान श्रीवेंकटेशजी, श्रीभूदेवी, श्रीश्रीदेवी, श्रीगोदा महारानी सहित शेषावतार श्रीरामानुज स्वामीजी का महाभिषेक, दिव्य देशों से पधारें संतों के प्रवचन, प्रतिदिन नित नवीन ठाकुरजी के विशेष उत्सव, प्रभु वेंकटेशजी के दिव्य श्रृंगार, आकर्षक भव्य रांगोलियों का निर्माण किया जा रहा है।


न्यासीगण – स्वामी श्री रामप्रपन्नाचार्यजी, रविन्द्र धूत (मंत्री), कैलाशचंद्र धूत, के. एल. अग्रवाल, पृथ्वीराजसिंह राठौड़, सांवरमल शर्मा
इस वर्ष ठाकुरजी के देवस्थान पर विशेष रुप से तिरुपति बालाजी की तर्ज पर विद्युत सज्जा की जा रही है। साथ ही पूरे देवस्थान को पुष्पों से सुसज्जित किया जा रहा है।
प्रभु वेंकटेशजी व भगवती श्रीमहालक्ष्मीजी की सवारी प्रतिदिन स्वर्ण मंगलगिरी, गरुड़ वाहन, हनुमंत वाहन, अश्व वाहन, शेषनाग वाहन पर परिभ्रमण करेगी। श्री वेणुगोपाल संस्कृत पाठशाला के विद्वतजन प्रभु चरणों का गुणगान व हरिनाम संकीर्तन करेंगे।


