Eternal Hinduism जितने भक्त भारत में हुए, उतने कहीं और किसी भी देश में नहीं हुए – स्वामी प्रणवानंद सरस्वती इंदौर(विनोद गोयल) भक्ति किसी भी रूप में हो, उसका प्रतिफल अवश्य मिलता है। हिंदू सनातन धर्म को शास्त्रों ने भी मानव धर्म की मान्यता प्रदान की है। दया, करुणा, परमार्थ Bharti joshi9 months agoKeep Reading