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विद्याधाम पर गुरू पूर्णिमा पर ‘भगवन’ की पादुकाओं का पूजन एवं दीक्षा कार्यक्रम 29 जुलाई को

विद्याधाम पर गुरू पूर्णिमा पर ‘भगवन’ की पादुकाओं का पूजन एवं दीक्षा कार्यक्रम 29 जुलाई को

चातुर्मास में प्रतिदिन 31 विद्वानों द्वारा अभिषेकात्मक अति रूद्र महायाग के दो अनुष्ठानों सहित अनेक कार्यक्रम

इंदौर। विमानतल मार्ग स्थित श्री श्रीविद्याधाम पर गुरू पूर्णिमा महोत्सव के उपलक्ष्य में बुधवार, 29 जुलाई को आश्रम के संस्थापक ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर स्वामी गिरिजानंद सरस्वती ‘भगवन’ की चरण पादुकाओं का पूजन एवं वर्तमान महामंडलेश्वर स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के पाद पूजन तथा गुरूमंत्र दीक्षा का दिव्य अनुष्ठान सुबह 9.30 बजे से प्रारंभ होगा। आश्रम पर चातुर्मास महोत्सव के दौरान विभिन्न अनुष्ठान होंगे।

आश्रम परिवार के सुरेश शाहरा, पं. दिनेश शर्मा एवं राजेंद्र महाजन ने बताया कि चातुर्मास महोत्सव के तहत महामंडलेश्वर स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के सानिध्य में प्रतिदिन सुबह 9 बजे से 31 वैदिक विद्वानों द्वारा दो अभिषेकात्मक लघु रूद्र महायाग होंगे। पूरे श्रावण मास में भगवान पारदेश्वर का दुग्ध धारा एवं तीर्थ जल द्वारा अखंड अभिषेक, प्रतिदिन सांय 5.30 बजे से “ह्वीं नमः शिवायै च नमः शिवाय” महामंत्र द्वारा लक्षार्चन आराधना एवं सायं 5.30 से रात 9 बजे तक सामूहिक शिव महिम्न पाठ एवं शिव आराधना के अनुष्ठान होंगे।बुधवार 12 अगस्त को हरियाली अमावस्या पर आश्रम के संस्थापक शिव स्वरुप पूज्यश्री गिरिजानंद सरस्वती भगवन के निर्वाण का पुण्य स्मरण एवं पादुका पूजन भी प्रातः 9.30 बजे से होगा।

श्रावण मास में प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से वैदिक ब्राह्मणों द्वारा लघु रूद्र अभिषेक, शाम 5.30 बजे से लक्षार्चन आराधना एवं रात 9 बजे से शिव आराधना के आयोजन होंगे। शिव अनुष्ठान के लिए 3 अगस्त, 10 अगस्त, 17 अगस्त और 24 अगस्त सहित कुल चार श्रावण सोमवार एवं 10 अगस्त तथा 25 अगस्त को प्रदोष व्रत पर किसी भी दिन के लिए यजमान बनने, भगवान को महाप्रसाद समर्पित करने, बाल भोग, राजभोग, गोष्ठी प्रसाद आदि की सेवा के लिए विद्याधाम कार्यालय पर संपर्क किया जा सकता है। प्रत्येक श्रावण सोमवार एवं प्रदोष पर भगवान भगवानी शंकर का शाम 6 बजे से विशेष श्रृंगार दर्शन एवं महाआरती का आयोजन भी होगा। गुरू पूर्णिमा पर 29 जुलाई को देश-विदेश में बसे ‘भगवन’ के शिष्य भी इंदौर आएंगे। श्री श्रीविद्याधाम पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के सानिध्य में चातुर्मास के विभिन्न कार्यक्रम में अनेक संत-विद्वान एवं शिष्य भी शामिल होगें

 

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