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भगवान विष्णु ने ध्रुव को वरदान दिया कि वे अमर होकर ‘ध्रुव तारे’ के रूप में आकाश में अटल बने

भगवान विष्णु ने ध्रुव को वरदान दिया कि वे अमर होकर ‘ध्रुव तारे’ के रूप में आकाश में अटल बने

इंदौर। ध्रुव चरित्र राजा उत्तान पाद और सुनीति के पुत्र ध्रुव की अटूट भक्ति की  कथा है। 5 वर्ष की उम्र में सौतेली माँ सुरुचि के अपमान से दुखी होकर भगवान विष्णु की तपस्या करने वन गए। नारद मुनि से दीक्षा लेकर उन्होंने कठोर तप किया और विष्णु जी को प्रसन्न कर, अटल राज्य और बाद में अचल ‘ध्रुव तारे’ का पद प्राप्त किया।

आज व्यास पीठ का पूजन मुख्य यजमान नंद किशोर पिपलावा , पुष्पा खंडेलवाल शीतल मिश्रा ,राधेश्याम शर्मा गुरुजी, ललित अग्रवाल,आर पारासर टी आई, विकास बिरथरे, आशीष उपाध्याय, राजेंद्र शर्मा, विजय पांडेय, दिवाकर बिरथरे, नरेश अग्रवाल, ओम प्रकाश भायाने किया।

पुत्री का प्रेम परिवार में सबसे ज्यादा होता है। मैं तो चली ससुराल ओ मैया रखियों अपना ख्याल। बेटा माँ का लाडला होता तो बेटी पिता की लाडली होती हैं।

प्रसिद्ध कथा वाचक आचार्य परम पूज्यनिय “*डॉ. मनोज मोहन शास्त्री* ने श्रीमद्भागवत के द्वितीय दिवस में कहा कि टेढ़ी टांग वाले मुरली धर की आराधना किया करों। उनकी हमे कृपा बन जाएगी।चार लोग कथा नहीं सुनते हैं।

ध्रुव चरित्र का वर्णन करते हुए कहा सौतेली माँ सुरुचि ने ध्रुव को पिता की गोद में बैठने से रोका और अपमानित किया। ध्रुव ने दृढ़ निश्चय किया कि वह उस स्थान (भगवान की गोद) को प्राप्त करेंगे, जहाँ से उन्हें कोई न हटा सके।

वन में तपस्या: 5 वर्ष की आयु में ध्रुव ने मधुवन (वृंदावन) में नारद जी के मार्गदर्शन में कठोर तपस्या की।

ध्रुव की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें दर्शन दिए और उनके अटल रहने का आशीर्वाद दिया।

विष्णु जी ने ध्रुव को वरदान दिया कि वे अमर होकर ‘ध्रुव तारे’ के रूप में आज भी आकाश में अटल हैं। राजा ध्रुव ने 36,000 वर्षों तक पृथ्वी पर शासन किया और बाद में भगवद्धाम गए।

श्रीमदभागवत कथा का भव्य आयोजन* स्थान :- *श्री खजराना गणेश मंदिर, सत्संग हाल*, में दि. 9 *अप्रेल- प्रह्लाद चरित्र नृसिंहावतार* दि.10 अप्रेल – *श्रीकृष्ण जन्मोत्सव* दि.11 अप्रेल – *श्रीकृष्ण बाललीलाएँ एवं गिरिराज पूजन* दि. 12 अप्रेल – *महारास एवं रुक्मिणी विवाह* दि.13 अप्रेल – *श्रीशुकदेव विदाई एवं व्यास पूजन* होगा। अंत में भक्तों को बेसन के लड्डू प्रसाद वितरित किया गया

 

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