*डोंगरी ,लुड्डी,तमेटागुल्लु, बरेदी ,गणगौर ,गुडूम बाजा ने जमाया रंग*
*भीड़ भरा माहौल नजर आया आज मालवा उत्सव में
रजत जयंती वर्ष पर विशेष कार्यक्रम 11 मई को
इंदौर । मां से झूले में झूलने के लिए जिद करते हुए बच्चे, झाल मुरी के स्टॉल पर युवाओं की भीड़, शिल्प को देखकर आश्चर्यचकित हो जाने वाली नवयुतियां और तालियां बजाते कला प्रेमी दर्शक लोक नृत्य करते कलाकारों का उत्साह बढ़ाते कला प्रेमी यह भीड़ भरा माहौल आज दशहरा मैदान परिसर में नजर आया।
लोक संस्कृति मंच के संयोजक शंकर लालवानी ने बताया कि मालवा उत्सव मे कर्नाटक से आए लोक कलाकारो ने भगवान शिव की आराधना में किया जाने वाला तमेटागुल्लु नृत्य जिसमें लगभग 12 से अधिक कलाकारों द्वारा टिमकी नुमा वाद्य यंत्र बजाकर घूम घूम कर छल-उछलकर पिरामिड बनाकर शानदार नृत्य की प्रस्तुति दी। गुजरात का प्रसिद्ध राजकोट से आए कलाकारों ने हुडा रास प्रस्तुत किया करने नवसारी से
लोक संस्कृति मंच के दीपक लवंगडे , विशाल गिद्वानी एवं बंटी गोयल ने बताया कि यादव समाज द्वारा किया जाने वाला श्री कृष्ण की आराधना के लिए बरेदी नृत्य सागर से आई टीम ने प्रस्तुत किया जिसमें उन्होंने कई तरह के पिरामिड बनाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। गुजरात के भावनगर से आई टीम ने टिपनी प्रस्तुत किया जो की एक पारंपरिक गरबा है निमाड़ का प्रसिद्ध नृत्य गणगौर भी प्रस्तुत हुआ जिसमें माथे पर गणगौर लेकर संजय महाजन की टीम ने नृत्य किया।विभिन्न पिरामिड बनाकर कौड़ियों वाली ड्रेस पहनकर गुडूम बजाते हुए डिंडोरी जिले के आदिवासी कलाकारों ने गुडूम बाजा नृत्य आदिवासी अंचल की बानगी प्रस्तुत कर गया। पंजाब से आए कलाकारों ने ऊर्जा युक्त लुडी नृत्य में से सब का मन मोह लिया वहीं जम्मू कश्मीर से आए कलाकारों ने डोंगरी जो की शादी के समय किया जाता है प्रस्तुत किया जिसमें उन्होंने चूड़ीदार पजामा कुर्ता और डोंगरी पहनी हुई थी।
रितेश पिपलिया एवं जुगल जोशी ने बताया कि कर्नाटक के कलाकार ने शिव की आराधना में किया जाने वाला पारंपरिक लोक नृत्य प्रस्तुत किया स्थानीय कलाकारों में नरसी अवतार की कथा आयाम कथक अकैडमी के द्वारा प्रस्तुत की गई वहीं आशा अग्रवाल समूह द्वारा फागुन के रंग श्याम के संग प्रस्तुत किया गया संजना जोशी के समूह द्वारा मेघ मल्हार मानसून का उत्सव कत्थक के माध्यम से खूबसूरत बन पड़ा था इसके अलावा प्रतिमा झालानी समूह ने एव स्मृति आदित्य समूह ने भी प्रस्तुति दी इस अवसर पर सतीश शर्मा कंचन गिद्वानी ज्योति तोमर ,मुद्रा शास्त्री ,पवन शर्मा, रितेश पाटनी ,कमल आहूजा ,मुकेश पांडे ,मनीष सोनी, विकास केतेले आदि मौजूद थे।
11 मई के कार्यक्रम नितिन तापड़िया ने बताया कि11 मई को गुडुंमबाजा गरबा, तमेटागुल्लु, वीजुकंसाले, ढोल ताशा पार्टी, नौरता एवं विशेष प्रस्तुतियां वह स्थानीय प्रस्तुतियां होगी। शिल्प मेला 4:00 बजे से शुरू होगा।


