*शिल्प बाजार में लगी भीड़*
*झाल मुरी बना एक फेमस ब्रांड लोगों ने लिए चटकारे*
*बधाई, कर्मा, सिद्धि धमाल तलवार रास, हुडारास ,जम्मू कश्मीर के नृत्य हुए*
इंदौर। मध्य प्रदेश की पहचान बन चुका मालवा उत्सव लोक संस्कृति मंच नगर पालिका निगम एवं संस्कृति संचनालय मध्यप्रदेश सहयोग से मनाए जा रहे इस उत्सव में आज कला प्रेमियों की भारी उपस्थिति दशहरा मैदान परिसर पर देखी गई।
लोक संस्कृति मंच के संयोजक शंकर लालवानी उसने बताया कि मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड अंचल का बधाई नृत्य जोकि पुत्र जन्म विवाह आदि मांगलिक अवसरों पर शीतला माता की आराधना में किया जाता है प्रस्तुत किया गया रंग-बिरंगे सुंदर परिधानों में नृत्य करते पिरामिड बनाते लोक कलाकारों के प्रदर्शन से तालिया की गड़गड़ाहट गूंज उठी। गुजरात से आई टीम ने सफेद धोती नीला जैकेट सर पर पगड़ी कमर में दुपट्टा बांधकर हाथ में रुमाल के साथ घूम-घूम कर हुडारास नृत्य की बानगी प्रस्तुत की । वही मध्य प्रदेश के डिंडोरी से आए 16 कलाकारों ने गोंड जनजाति का करमा नृत्य प्रस्तुत मांदल की थाप, टीमकी, गुदुम, शहनाई का उपयोग कर के सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया गया। किया वहीं स्थानीय कलाकारों ने नटराज स्तुति प्रस्तुत करके सबका मनमोहा वही अर्चना बनर्जी के समूह ने समुद्र मंथन की कथा को मंच पर दर्शाया कविता तिवारी समूह द्वारा कत्थक से दुर्गा के नौ स्वरूपों को दुर्गा चरितम द्वारा दिखाया गया ।नाथ ब्रह्म गणेश वंदना एवं तराना कत्थक के माध्यम से प्रस्तुत किया गया वहीं प्रिया गोखले समूह ने शिव आख्यान प्रस्तुत किया। इसके अलावा धनगर गाजा तलवार रास ,गेड़ी ,सिद्धि धमाल, गुस्सादी नृत्य भी हुए
लोक संस्कृति मंच के दीपक लवंगडे ,संकल्प वर्मा एवं विशाल गिद्वानी ने बताया कि आज दशहरा मैदान परिसर में शिल्पकारों के शिल्प को देखने खरीदने के लिए भारी भीड़ उमड पड़ी जहां जयपुर के फर्नीचर जिस पर बहुत सुंदर मेटल वर्क किया गया काफी पसंद किया जा रहा है वही एंटीक फ्लावर पाट के साथ खूबसूरत फूल एवं विभिन्न प्रकार की सजावटी सामग्री के स्टॉल पर भी भारी भीड़ देखी गई ।वहीं विभिन्न प्रकार के हस्त निर्मित वस्त्र, चादरों, कालीन चीनी के आइटम पर लोग खरीदारी करते देखे गए। मालवा उत्सव में इस वर्ष कई नए उत्पाद शिल्पकार दूर प्रदेशों से लेकर आए हैं जिन्हें आसानी से यहां पर देखा एवं खरीदा जा सकता है।
मंच के सतीश शर्मा व बंटी गोयल ने बताया कि शिल्प मेला सायंकाल 4:00 बजे से लालबाग पर प्रारंभ हुआ जिसमें कला प्रेमियों की उपस्थिति दर्ज की गई। लोकप्रिय सांसद लालवानी जी ने गत रात्रि को झालमुरी के स्टॉल से झालमुरी लेकर सभी कलाकारों कार्यकर्ताओं को वितरित की उसी का असर आज देखने को मिला जहां लोग झाल मुरी का स्वाद एवं चटकारा लेने स्टॉल पर देखे गए।
सांस्कृतिक कार्यक्रम 7:30 बजे से साईला कर्मा, घोड़ी पठाई, बधाई, बरेदी, जम्मू कश्मीर के नृत्य पंजाब का जिंदवा, भांगड़ा महाराष्ट्र के पारंपरिक नृत्य वं स्थानीय कलाकारों के नृत्य होंगे।


