मंदिर ट्रस्टी कैलाशचंद्र मोदी की हत्या के विरोध में अग्रवाल समाज ने सौंपा ज्ञापन, अवैध कब्जों की जांच एवं सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने की मांग
इंदौर, । अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र स्थित प्राचीन बारामत्था बागीची शिव-हनुमान मंदिर के ट्रस्टी स्वर्गीय कैलाशचंद्र मोदी की निर्मम हत्या के बाद समाज में व्याप्त आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को अग्रवाल समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा तथा मामले की निष्पक्ष, गहन एवं त्वरित जांच के साथ-साथ मंदिर परिसर की सुरक्षा और अवैध कब्जों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
अग्रवाल समाज का प्रतिनिधिमंडल राजेश बंसल (पंप), गणेश गोयल एवं अरविंद बागड़ी के नेतृत्व में एडिशनल डीसीपी कार्यालय पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में गौतम मोदी, नवनीत अग्रवाल, संतोष मित्तल अभिषेक मित्तल एवं दीपक गर्ग सहित मोदी परिवार की महिलाएं एवं पुरुष सहित समाज के अन्य गणमान्यजन भी उपस्थित थे। प्रतिनिधियों ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया कि बारामत्था बागीची शिव-हनुमान मंदिर वर्षों पुराना धार्मिक एवं आस्था का केंद्र है, जहां स्वर्गीय कैलाशचंद्र मोदी लंबे समय से निस्वार्थ भाव से ट्रस्टी के रूप में सेवाएं दे रहे थे।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि कैलाशचंद्र मोदी की हत्या केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं बल्कि धार्मिक एवं सामाजिक आस्था पर किया गया गंभीर प्रहार है। समाज ने मांग की कि इस पूरे प्रकरण की सभी पहलुओं से निष्पक्ष जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि यदि घटना के पीछे किसी प्रकार का षड्यंत्र, भूमि विवाद अथवा मंदिर संपत्ति पर अवैध कब्जा करने की मंशा रखने वाले व्यक्तियों की संलिप्तता हो तो उन्हें भी जांच के दायरे में लाकर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मांग की कि मंदिर परिसर एवं आसपास की भूमि का राजस्व एवं प्रशासनिक स्तर पर सर्वे कराया जाए तथा यदि कहीं भी अवैध कब्जे पाए जाते हैं तो उन्हें तत्काल हटाने की कार्रवाई की जाए। साथ ही मंदिर परिसर में असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए नियमित पुलिस गश्त, सुरक्षा निगरानी तथा आवश्यक सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि आरोपी चौकीदार मुकेश शर्मा के आपराधिक इतिहास एवं उससे जुड़े व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जाए। विशेष रूप से पूर्व में उसकी जमानत कराने वाले व्यक्ति की भूमिका की पड़ताल कर आवश्यक होने पर उसके विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई की जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि समाज को विश्वास है कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों को कठोर दंड दिलाने तथा मंदिर की सुरक्षा एवं पवित्रता बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाएगा। समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होने, अवैध कब्जों की जांच पूर्ण होने एवं दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होने तक समाज इस विषय पर लगातार प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखता रहेगा।

एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि प्रकरण की निष्पक्ष एवं गहन जांच की जा रही है तथा कानून के अनुसार दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने समाजजनों की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित बिंदुओं पर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया।


