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अपने प्रत्येक कर्म को धर्म के साथ जोड़ेंगे तो जीवन में योग्यता,  पात्रता और पवित्रता आ जाएगी – राष्ट्र संत सुधासागर म.सा.

अपने प्रत्येक कर्म को धर्म के साथ जोड़ेंगे तो जीवन में योग्यता,

पात्रता और पवित्रता आ जाएगी – राष्ट्र संत सुधासागर म.सा.

दलाल बाग में देशभर से आए 50 हजार से अधिक भक्तों और शिष्यों की मौजूदगी में हुई मंगल कलश स्थापना–नित्य होंगे प्रवचन

 

इंदौर। प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में श्रेष्ठ नहीं, सर्वश्रेष्ठ बनना चाहता है। पशु हो या इन्सान, हर कोई सर्वश्रेष्ठ बनने की होड़ में जुटा हुआ है लेकिन यह समझना भी जरुरी है कि सारा जगत जिन्हें मंगल मानता है, उन्हें भी अपने विघ्न टालने के लिए मंगलाचरण करना होता है। कर्म को धर्म के साथ जोड़ेंगे तो जीवन में योग्यता, पात्रता और पवित्रता आ जाएगी। हमारे सभी ग्रन्थों और शास्त्रों में आचार्यों ने सबसे पहले मंगलाचरण किया है जिसका सीधा आशय यही है कि हम जो भी काम कर रहे हैं वह बिना बाधा के पूरा हो जाए। एक मिनिट का आशीर्वाद हमारे पूरे जीवन को सार्थक और सफल बना देता है। आचार्यों ने भी कहा है कि बाकी सारे काम किसी भी तरह करो लेकिन मंगलाचरण की क्रिया पूरे भाव और मन से करना चाहिए। मंगल कलश का मूल्य भले ही कुछ न हो लेकिन जिस घर में वह पहुंचेगा, वह घर और वहां रहने वाले लोग 10 मन्दिर बनाने लायक बन जाएँगे फिर अपने पिता द्वारा सौंपे गए राजपाट को भोगने में भी संतुष्टि और प्रसन्नता मिलेगी। याद यह भी रखना कि भरा हुआ कलश ही मंगलमय होता है, खाली कलश नहीं।

संत शिरोमणि प.पू. विद्यासागर म.सा. के परम प्रभावक शिष्य और राष्ट्रसंत मुनि पुंगव प.पू. श्री सुधासागर महाराज ने गुरुवार को सकल दिगम्बर जैन धर्म प्रभावना समिति के तत्वावधान में दलाल बाग के विशाल सत्संग सभा मंडप में आयोजित मंगल कलश स्थापना प्रसंग की धर्मसभा में उपस्थित समाज बंधुओं को संबोधित करते हुए उक्त दिव्य विचार व्यक्त किए। प्रारम्भ में अमृत सिद्धि कलश की स्थापना का लाभ मनीष-सपना गोधा और नवीन शिवानी, आनंद गोधा परिवार ने लिया। पर्युषण महापर्व पर आयोजित होने वाले संस्कार शिविर के लाभार्थी आकाश-दीपिका जैन कोयला परिवार बने। इसी तरह अमृत सिद्धि कलश का लाभ अशोक-रानी डोसी परिवार एवं सर्वार्थ सिद्धि कलश का लाभ महेंद्र-आशारानी पंड्या एवं हर्ष-तृप्ति जैन परिवार ने लिया। चातुर्मास कलश स्थापना की परम्परागत और शास्त्रोक्त रस्म का शुभारंभ मंच संचालक ब्रह्मचारी प्रदीप भैया ने मंगलाष्टक के साथ किया और मुख्य कलश की स्थापना करवाई। नवकार ग्रुप ने मंगलाचरण किया। आचार्यश्री प.पू. विद्यासागर महाराज के चित्र के समक्ष भरत-कुसुम मोदी, सौरभ पटौदी, मुकेश टोंग्या एवं गोमटगिरी ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलन किया। आज राष्ट्रसंत सहित सम्पूर्ण संघ ने उपवास भी रखा। प्रारम्भ में धर्म प्रभावना समिति की ओर से मनीष गोधा, हर्ष जैन, नवीन गोधा, अशोक डोसी एवं आकाश कोयला ने साधकों की अगवानी की और बताया कि मंगल कलश स्थापना महोत्सव में भागीदारी के लिए राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात और प्रदेश के सागर, जबलपुर, बीना, टीकमगढ़ सहित बुन्देलखण्ड से आए करीब तीन हजार समाज बंधुओं ने हर्षनाद के बीच राष्ट्रसंत के प्रवचनों का लाभ लिया। बीती रात गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में प्रख्यात भजन गायक ऋषभ-संभव जैन ने अपने भक्ति भाव से भरपूर भजनों की प्रस्तुतियां देकर हजारों भक्तों को मंत्रमुग्ध और सम्मोहित बनाए रखा। चातुर्मास के दौरान दलाल बाग पर प्रतिदिन सुबह 8 से 9.30 बजे तक धर्मसभा में राष्ट्रसंत सहित सभी संत विद्वानों के प्रवचनों की अमृत वर्षा होगी। चातुर्मास के दौरान विभिन्न अनुष्ठान भी होंगे।

राष्ट्रसंत ने अपने आशीर्वचन में कहा कि यदि मंगलाचरण शुभता से हो जाता है तो यह मान लिया जाता है कि हमारा संकल्प सफल होगा ही। मंगलाचरण की ताकत सबसे अधिक मानी गई है। जैसे माचिस की एक तीली से की गई रोशनी जीवनभर प्रकाश दे सकती है, हम सुबह 5 मिनिट के लिए भगवान के दर्शन हेतु जाते हैं तो हमारे 24 घंटे अच्छे निकल जाते हैं। हम नए मकान और नई गाड़ी का प्रयोग करने के पहले मंगलाचरण इसीलिए करते हैं। यदि हम धार्मिक अनुष्ठान में मंगल कलश लेंगे तो हम भी मन्दिर बनाने लायक बन जाएँगे। दीपावली के दिन जब मंगल कलश आपके घर पहुंचेगा तब यह धन का सही उपयोग माना जाएगा। कभी ये मत सोचना कि हम आज सेठ हैं तो कल भी सेठ ही रहेंगे। आज का राजा कल का कीड़ा भी बन सकता है। यह चातुर्मास इंदौर के लिए मंगलरूप है। यह चातुर्मास मुझे कोई सौगात नहीं देगा लेकिन यह तय है कि इंदौर वालों को जरुर इस चातुर्मास से अनेक सौगातें मिल जाएगी। इस मंगल कलश का फल इतना चमत्कारिक है कि यदि तुम मिटटी को छुओगे तो वह भी सोना बन जाएगी। जीवन में जो कुछ भी काम करना है, इस मंगल कलश से तुम्हें शक्ति और तुम्हारे कल्याण का भाव अवश्य मिलेगा इसलिए कभी भी पंचकल्याणक अथवा चातुर्मास कलश स्थापना के समय मंगल कलश लेने में पीछे मत रहना। इस बार पूरे विश्व की नजर इंदौर पर है, केवल श्रावक की नही बल्कि साधु संतों की भी नजर इंदौर पर ही है, इसलिए पूरी लगन, श्रद्धा और निष्ठा से चातुर्मास को आत्मसात करें।

आज से नियमित प्रवचन – आयोजन समिति के मनीष गोधा, हर्ष जैन एवं नवीन गोधा ने बताया कि शुक्रवार से प्रतिदिन सुबह 8 से 9.30 बजे तक दलाल बाग पर राष्ट्रसंत के प्रवचनों की अमृत वर्षा होगी। राष्ट्रसंत के साथ उनके 18 शिष्य एवं 20 त्यागियों का समूह 4 माह तक यहीं विराजित रहेगा। इस दौरान पर्वाधिराज पर्युषण सहित अनेक धार्मिक आयोजन जारी रहेंगे। विशेष रूप से देश में पहली बार इंदौर में राष्ट्र संत सुधासागर म.सा. के सानिध्य में 10 दिवसीय श्रावक संस्कार शिविर का आयोजन भी सितम्बर माह में होगा। इन सभी आयोजनों के लिए दलाल बाग में व्यापक तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही है।

 

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