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भूतेश्वर महादेव मंदिर पर जयघोष के बीच शुरू हो गई भगवान शिव की आराधना पूरे सावन में प्रतिदिन चौबीस घंटे होगी एक लाख बिल्व पत्रों से भोले भंडारी भूतेश्वर की पूजा-अर्चना

भूतेश्वर महादेव मंदिर पर जयघोष के बीच शुरू हो गई भगवान शिव की आराधना
पूरे सावन में प्रतिदिन चौबीस घंटे होगी एक लाख बिल्व पत्रों से भोले भंडारी भूतेश्वर की पूजा-अर्चना

इन्दौर। शहर के पश्चिम क्षेत्र, पंचकुइया स्थित श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर पर सावन के पहले दिन से सर्व मनोकामना सिद्धिप्रद अहर्निश लक्ष्य बिल्वार्चन चिंतामणि महाप्रयोग का अनूठा आयोजन प्रारम्भ हुआ। देशभर से आए विद्वानों, आचार्यों और ब्राह्मणों के सानिध्य में पहली बार यह अनुष्ठान पूरे श्रावण मास में 28 अगस्त तक लगातार जारी रहेगा जिसमें प्रतिदिन भगवान भूतेश्वर का एक लाख बिल्व पत्रों से वैदिक विधि-विधान के साथ पूजन-अर्चन किया जा रहा है। इसके साथ ही मंदिर पर पूरे अष्टप्रहर अर्थात चौबीस घंटे लगातार रुद्राभिषेक, रुद्रपाठ, वैदिक मंत्रोच्चार एवं शिव आराधना का अखंड क्रम भी आज रात से गूंजने लगा है। अनुष्ठान के शुभारंभ प्रसंग पर रात्रि को समूचा मन्दिर परिसर और पंचकुइया क्षेत्र भगवान भूतेश्वर के जयघोष से गूंज उठा। सावन में ही सोमवार 24 अगस्त को दोपहर 3.30 बजे भगवान भूतेश्वर नगर का भ्रमण कर अपने भक्तों को दर्शन देने निकलेंगे।
भूतेश्वर महादेव मंदिर के पं. हरिशानंद तिवारी एवं पं. यतीन्द्र तिवारी ने बताया कि श्रावण मास में बिल्व पत्र अर्पण, रुद्राभिषेक तथा शिव नाम स्मरण का विशेष महत्व होता है। सावन को भगवान शिव की उपासना का सर्वश्रेष्ठ समय माना गया है। इसके लिए आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा को मन्दिर पर मुख्य शिवलिंग के पास 7 और पार्थिव शिवलिंग स्थापित किए गए और आज रात से चौबीस घंटे (अष्टप्रहर) एक लाख बिल्व पत्रों से भगवान भूतेश्वर महादेव का अर्चन-पूजन शुरू हो गया है। देश-दुनिया में इस तरह का दिव्य अनुष्ठान अब तक कहीं नहीं हुआ है, इसलिए इस आयोजन को विश्व का पहला अनुष्ठान कहना गलत नहीं होगा। इसके लिए शहर एवं अन्य स्थानों तथा नर्मदा किनारे वन विभाग एवं निजी क्षेत्रों से जुड़े बिल्व के सौ से अधिक वृक्षों को चिन्हित कर, बिल्व पत्र का संग्रहण कर उन्हें मन्दिर परिसर में ही एक कोल्ड स्टोरेज बनाकर सुरक्षित रखवा दिया गया है। आचार्य डॉ. विनायक पांडे सहित देशभर से आए विद्वान प्रत्येक 2 घंटे में हर शिवलिंग पर एक हजार बिल्व पत्र अर्पित करेंगे, इस तरह एक लाख बिल्व पत्र का लक्ष्य पूरा होगा।


24 को नगर भ्रमण पर निकलेंगे भगवान भूतेश्वर – अनुष्ठान के दौरान सोमवार 24 अगस्त को दोपहर 3.30 बजे भगवन भूतेश्वर अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए मंदिर प्रांगण से पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। हजारों श्रद्धालु शोभा यात्रा मार्ग में भगवान भूतेश्वर का पूजन, पुष्प वर्षा एवं आरती कर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे। पंडित द्वय ने विश्वास व्यक्त किया है कि यह महाप्रयोग एवं नगर परिभ्रमण विश्व कल्याण, राष्ट्र की उन्नति, समाज में सुख समृद्धि एवं सदभाव तथा प्रत्येक श्रद्धालु की मनोकामना की सिद्धि के उद्देश्य से एक दिव्य और सार्थक उपक्रम साबित होगा। इसकी व्यापक तैयारियां प्रारम्भ कर दी गई है।

 

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