अग्रवाल समाज के जुलूस में परम्परागत वाद्य यंत्रों की मंगल ध्वनि
के बीच गरबा एवं भजन मंडलियाँ भी देंगी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
केन्द्रीय समिति से जुड़े 140 से अधिक अग्रवाल संगठनों के प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों की बैठक में लिए गए निर्णय
इंदौर, । पितृ पुरुष महाराजा अग्रसेन की 5150वीं जयंती के उपलक्ष्य में समाज की शीर्ष संस्था अग्रवाल समाज केन्द्रीय समिति द्वारा राजवाडा से चिमनबाग मैदान तक रविवार 11 अक्टूबर को शाम 5 बजे से निकाले जाने वाले भव्य जुलूस के दौरान यातायात व्यवस्था, प्रसाद वितरण, स्वागत, महाआरती, भोजनप्रसादी एवं पुरस्कार वितरण सहित विभिन्न व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए गुरुवार को होटल अप्सरा में केन्द्रीय समिति से जुड़े 140 से अधिक संगठनों के प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों की बैठक सम्पन्न हुई जिसमें राजवाडा एवं चिमनबाग मैदान पर होने वाले कार्यक्रमों को लेकर विचार मंथन किया गया।
वरिष्ठ समाजसेवी विनोद अग्रवाल, प्रमुख संयोजक प्रेमचंद गोयल एवं संयोजक गणेश गोयल तथा अरविन्द बागड़ी ने बताया कि गुरुवार को आयोजित इस बैठक में रविवार को निकलने वाले भव्य जुलूस की रुपरेखा को अंतिम रूप दिया गया। शहर के विभिन्न क्षेत्रों के समाज बंधु शाम 5 बजे तक अपने परम्परागत परिधान में राजवाडा पहुंचेंगे और जुलूस में शामिल होंगे। जुलूस में परम्परागत वाद्य यंत्रों की मंगल ध्वनि, बैंड-बाजे, ढोल-ताशे, गरबा एवं भजन मंडलियाँ, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां देते नन्हे-मुन्ने बच्चे और महाराजा अग्रसेन तथा कुलदेवी महालक्ष्मी के रूप में श्रृंगारित होकर आए कलाकार आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेंगे। फैंसी ड्रेस में शामिल बच्चे मातृशक्ति के निर्देशन में बग्घियों में सवार होकर अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए चलेंगे। बैठक में शोभा यात्रा प्रभारी गोविन्द सिंघल, संतोष गोयल, पीडी अग्रवाल, दिनेश बंसल, सुभाष गोयल कसेरा बाजार, राजेश इंजीनियर, दर्शनलाल गोयल, राजेश गर्ग सोशल ग्रुप, अजय मित्तल, संजय अग्रवाल, संजय तोडीवाला, नितेश बंसल, केके गोयल, किशन गुप्ता, राजेंद्र अग्रवाल (अग्रवाल परिषद), प्रतीक गुप्ता, सौरभ गोयल सहित विभिन्न अग्रवाल संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार व्यक्त किए। संयोजक गणेश गोयल ने जुलूस एवं सामाजिक सम्मेलन की विस्तृत जानकारी देते हुए सभी संगठनों से आग्रह किया कि वे सपरिवार इस जुलूस और चिमनबाग मैदान पर होने वाले कार्यक्रमों तथा महाआरती में अवश्य शामिल हों। सभी प्रतिनिधियों ने आश्वस्त किया कि रविवार का दिन महाराजा अग्रसेन के नाम रहेगा। जुलूस और सम्मेलन के अलावा सभी अग्र बंधु अपने घरों एवं प्रतिष्ठानों पर 5-5 दीपक भी लगाएँगे।
उन्होंने बताया कि अग्रसेन जयंती महोत्सव के उपलक्ष्य में चिमनबाग मैदान पर कुलदेवी महालक्ष्मी की आरती और महाराजा अग्रसेन के दरबार का पूजन भी होगा। इसी तरह जुलूस में रजत मंडित पालकी में महालक्ष्मी को विराजित कर उसे महिलाएं अपने कंधों पर लेकर चिमनबाग मैदान तक पहुंचेंगी जबकि एक सुसाजित रथ पर महाराजा अग्रसेन को विराजित कर उस रथ को समाज बंधु अपने हाथों से खींचकर सम्मेलन स्थल तक ले जाएँगे। मार्ग में 30 से अधिक स्थानों पर स्वागत मंच एवं तोरण द्वार लगाए जाएँगे जहाँ समाज बंधुओं के लिए चाय, आइसक्रीम, स्वल्पाहार, सूखे मेवे, फल एवं फलाहार आदि का वितरण भी किया जाएगा।

