जीवन की प्रत्येक गतिविधि में धर्म को शामिल कर लें तो यही धर्म मोक्षरूपी बरात का माध्यम बन जाएगा – अटल मुनि
साधुमार्गी जैन समता संघ के तत्वावधान में विंध्याचल नगर, गुमास्ता नगर एवं यशवंत निवास रोड पर पर्युषण में चल रहे जप-तप एवं ज्ञान-ध्यान के आयोजन
इंदौर । जिस तरह परिवार में होने वाले मांगलिक प्रसंगों में हम अक्षत, कुमकुम एवं अन्य पूजन सामग्री से शुभारंभ करते हैं उसी तरह जीवन की प्रत्येक गतिविधि में यदि धर्म को शामिल कर लिया जाए तो यही धर्म हमारी मोक्षरूपी बरात का माध्यम बन जाएगा। हम बरसों पुराने गीतों और फिल्मों के नाम तो याद रख लेते हैं लेकिन स्वाध्याय और आगम की गाथाएँ याद रखने में अभी बहुत पीछे हैं। आवश्यकता है श्रद्धा, भक्ति और समर्पण की।
ये प्रेरक विचार हैं साधुमार्गी जैन समता संघ के तत्वावधान में गुमास्ता नगर स्थित मुकुट मांगलिक परिसर में चल रहे पर्युषण महापर्व की धर्मसभा में शासन दीपक अटल मुनि म.सा. के, जो उन्होंने शासन दीपक आदित्य मुनि म.सा. आदिठाणा 3 के सानिध्य में व्यक्त किए। पर्युषण महापर्व में साधुमार्गी जैन समता संघ द्वारा विन्ध्याचल नगर, गुमास्ता नगर एवं यशवंत निवास रोड स्थित समता भवन पर भक्तामर पाठ, प्रार्थना, अंतगढ़ सूत्र वाचन, धर्मसभा सहित विभिन्न अनुष्ठान हो रहे हैं। समता भवन पर शासन दीपिका श्रीकांताश्रीजी म.सा. के सानिध्य में बड़ी संख्या में समाज बंधु आकर जिनवाणी श्रवण, आत्मसाधना एवं स्वाध्याय का लाभ ले रहे हैं। इन तीनों स्थानों पर पर्युषण के दौरान बाहर गाँव से पढने आए विद्यार्थियों के लिए एकासन, बियासना एवं चौविहार के निमित्त निशुल्क भोजन की व्यवस्था प्रतिदिन सुबह 11 से 12.30 और शाम 5 से 6.15 बजे तक रखी गई है जिसका प्रतिदिन सैकड़ों छात्र-छात्राएं लाभ उठा रहे हैं।
प्रतिदिन के कार्यक्रम – साधुमार्गी जैन समता संघ के अध्यक्ष पारस बोहरा एवं मीडिया प्रभारी मनीष बोहरा ने बताया कि आचार्य भगवंत रामलाल म.सा. के आज्ञानुवर्ती शासन दीपक आदित्य मुनि म.सा. के सानिध्य में 15 सितम्बर तक गुमास्ता नगर स्थित मुकुल मांगलिक परिसर पर प्रतिदिन सुबह 6.45 से 7.15 बजे तक भक्तामर पाठ एवं प्रार्थना, सुबह 8.30 से 9.15 बजे तक अंतगढ़ सूत्र का वाचन, 9.15 से 10.15 तक प्रवचनों की अमृतवर्षा, दोपहर 2 से 3.30 बजे तक “ज्ञान बढाएं-आनंद पाएं” कार्यक्रम, शाम 6.40 बजे से प्रतिक्रमण और रात 8 से 9.30 बजे तक स्वाध्याय एवं भक्ति के आयोजन होंगे। इसी तरह विंध्याचल नगर स्थित अरिहंत जैन आराधना भवन पर भी यही क्रम जारी रहेगा। विंध्याचल नगर में तेजकुमार तांतेड, दीपक सुराना, गुमास्ता नगर में अनिल डूंगरवाल एवं मनीष भटेवरा तथा समता भवन यशवंत निवास रोड पर ललित दुग्गड़ एवं पारस जैन भोजन व्यवस्था संभाल रहे हैं। तीनों स्थानों पर पर्युषण के दौरान आज संवर दिवस मनाया गया। गुरुवार 10 सितम्बर को पोरसी/तेला दिवस, 11 को डेढ़ पोरसी/स्वाध्याय दिवस, 12 को पंचरंगी दिवस, 13 को एकासन/दया दिवस, 14 को कम से कम 9 घंटे मौन दिवस एवं 15 सितम्बर मंगलवार को पौषध दिवस मनाया जाएगा। तीनों स्थानों पर नियमित धर्मसभाओं का क्रम भी प्रतिदिन सुबह 8.30 से 9.15 बजे तक जारी है।


