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लव यू जिन्दगी” श्रृंखला में सहस्त्रधारा पहुंची सखियों ने प्रकृति की गोद में रहकर सीखा ध्यान, नृत्य और हास्य के साथ मोबाइल की लत से छुटकारा

लव यू जिन्दगी” श्रृंखला में सहस्त्रधारा पहुंची सखियों ने प्रकृति की गोद में रहकर सीखा ध्यान, नृत्य और हास्य के साथ मोबाइल की लत से छुटकारा

पांच समूहों में बंटकर 57 सखियों ने किया आत्म चिंतन, बोटिंग और संगीत के साथ विचार मंथन

 

इंदौर। महिला प्रकोष्ठ अग्रवाल समाज के लव यू जिन्दगी कार्यक्रम की श्रृंखला में 57 सखियों ने इस बार बुधवार और गुरुवार को महेश्वर के निकट सहस्त्रधारा स्थित जालकोठी आश्रम पहुंचकर ध्यान की विभिन्न पद्धतियों का अभ्यास तो किया ही, मोबाइल की लत से छुटकारा पाने के साथ ही गायन, संगीत, हास्य, नृत्य और अमृत मंथन जैसी विधाओं में अपनी प्रस्तुतियां देकर अपने हुनर और ज्ञान का प्रदर्शन भी किया।

प्रकोष्ठ की प्रमुख प्रतिभा मित्तल ने बताया कि बुधवार की सुबह शहर की 57 सखियों की भागीदारी में 5 अलग-अलग समूहों (प्रत्येक में 11 सखियां) में महेश्वर में प्रकृति की गोद में रहकर ध्यान की विभिन्न पद्धतियों के साथ ही आत्म चिंतन, बोटिंग, मनोरंजक गेम्स और समूह चर्चा जैसे रचनात्मक और आनंद से परिपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होकर सभी सखियों ने अपने रोजमर्रा के जीवन में आने वाले तनाव, वैचारिक उथलपुथल और मस्तिष्क की बैचेनी सहित विभिन्न वैचारिक समस्याओं के समाधान की दिशा में सार्थक पहल की।

इस दौरान सखियों के पांच समूह बनाए गए थे जिनके नाम सुगंधा, मोहिनी, मेनका, अप्सरा और राधारानी रखे गए थे। इनकी बागडौर प्रवीणा, वैशाली, करुणा, मोनिका और नीलम ने बखूबी संभाली। कार्यक्रम का संयोजन शीतल अग्रवाल, अलका अग्रवाल, संगीता पाटनी एवं तिलोत्तमा ने किया। चूँकि सभी समूहों को पहले से ही उनकी पसंद के विषय बता दिए गए थे इसलिए सबने पूरी तैयारी के साथ सहस्त्रधारा पहुंचकर लव यू जिन्दगी नाम को सार्थक बनाया। ध्यान के सत्र में सखियों ने जिबरीश और ओशो के कुंडलिनी ध्यान का अभ्यास किया। रात्रि में क्रिएटिव नाईट के आयोजन में पांचों समूहों की सखियों ने अमृत मंथन, डांस, हास्य, मोबाइल की लत से छुटकारा और नृत्य तथा गायन जैसे ज्वलंत मुद्दों पर विचार मंथन किया।

महेश्वर पहुंची सखियों में सुगंधा ग्रुप में सोनल, सीमा, प्रवीणा, कोकिला, पिंकी, टीना, नीता, रितु, पिंकी अग्रवाल, काजल एवं स्नेह तथा मोहिनी ग्रुप में वैशाली, मीना, अंकिता, शिवांगी, वन्दना, स्मिता एवं शामिल रहे जिन्होंने पूरे जोश एवं उत्साह के साथ सभी गतिविधियों में अपनी भागीदारी दर्ज कराई।

समापन अवसर पर प्रकोष्ठ की प्रमुख प्रतिभा मित्तल ने कहा कि लव यू जिन्दगी का यह रिट्रीट एक पिकनिक नहीं बल्कि ध्यान, प्रेम, मित्रता, आत्मीय विकास और जीवन को उत्सव की तरह जीने की दिशा में आगे बढाने का एक सार्थक प्रयास साबित हुआ। सभी सखियाँ अनेक मधुर स्मृतियाँ संजोये आज सुबह इंदौर लौट आईं।

 

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