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Narmada

प्रेम से प्रण तक एक अनकही प्रेमकहानी “मां नर्मदा”

मां नर्मदा अपने प्रण को पूरा करने वाली नदी है। इसलिए साधु संत मां नर्मदा के किनारे तपस्या करते है जिससे उनका आध्यात्मिक प्रण पुरा होता है। मां नर्मदा ने
Surajkund Narmada Parikrama

Day 9 – Surajkund Narmada Parikrama

नर्मदा परिक्रमा के नौवें दिन का शुभारंभ ढालखेड़ा अन्नपूर्णा आश्रम से हुआ, जिसका नेतृत्व सूरजकुंड के महामहिम दाता श्री अवधेश चैतन्य ब्रह्मचारी जी महाराज कर रहे हैं। दक्षिणी तट (दक्षिण
Surajkund Narmada Parikrama

Day -8 Surajkund Narmada Parikrama 2025

दाता श्री अवधेश चैतन्य ब्रह्मचारी जी महाराज के नेतृत्व में यात्रा नर्मदा के दक्षिणी तट पर आगे बढ़ी। मार्ग में जलकोटी स्थित एकमुखी दत्त मंदिर (महेश्वर से 5 किमी) का
Divinity

दण्डी स्वामी परंपरा : दत्तात्रेय से शंकराचार्य तक – त्याग, ज्ञान और नारायण स्वरूप की अखंड धारा

दत्तात्रेय की योगधारा से लेकर शंकराचार्य के अद्वैत दर्शन तक — दण्डी संन्यासी परंपरा भारतीय आत्मा का सनातन प्रकाश है। पूरा लेख पढ़ें और जानें इस दिव्य परंपरा का रहस्य
Narmada

जीवन को बदलने वाली मां नर्मदा परिक्रमा, खोल देती है ज्ञान के मार्ग

मां नर्मदा जो सांसरिक लोगों के लिए मात्र एक नदी हो सकती है लेकिन आध्यात्मिक मार्ग पर चलने वाले लोगों के लिए यह एक प्रेरणा है। यह एक ऐसी नदी
Narmada

भौतिकता से जीवन के यथार्थ की ओर यात्रा कराती मां नर्मदा परिक्रमा

मां नर्मदा, जिसे भौतिक जगत में नदी कहा जाता है। लेकिन जब इसे आध्यत्मिक रूप से देखा जाता है तो मां नर्मदा जीवन को बदलने वाली आत्म शुद्दि स्वरूपा दिखाई
Rajasthan

राजस्थान का एक ऐसा अनोखा मंदिर जहां भगवान बन जाते हैं बिजनेस पार्टनर

आइए आज हम बात करते है राजस्थान के एक ऐसे अनोखे मंदिर की जहां भगवान कृष्ण भक्तों पर सिर्फ कृपा ही नहीं बरसाते अपितु भक्तों के बिजनेस पार्टनर बन जाते
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इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश, हर वर्ष बढ़ जाते है 1 सेमी

खजराना गणेश जी इंदौर में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है, जिसे रानी अहिल्याबाई होल्कर ने 1735 में बनवाया था। इस मंदिर के गणपति स्वयंभू (स्वयं प्रकट हुए) माने जाते हैं,
Rajasthan

सुरजकुंड कुम्भलगढ़ — अरावली के जंगलों में छिपा दिव्य धाम

Surajkund Kumbhalgarh अरावली की गोद में बसा सुरजकुंड, कुम्भलगढ़ — जहाँ प्रकृति और अध्यात्म का संगम है। पांडवकालीन कुंड, दत्तात्रेय भगवान का स्थल और श्री अवधेश चैतन्य ब्रह्मचारी जी महाराज