आइए आज हम बात करते है राजस्थान के एक ऐसे अनोखे मंदिर की जहां भगवान कृष्ण भक्तों पर सिर्फ कृपा ही नहीं बरसाते अपितु भक्तों के बिजनेस पार्टनर बन जाते है। सबसे आश्चर्य की बात तो यह है कि जैसे ही भगवान किसी भक्त के बिजनेस पार्टनर बनते है उनके व्यापार में वृद्धि होना शुरू हो जाती है। भगवान को बिजनेस पार्टनर बनाने के बाद व्यापार बढ़ता जाता है । और जब मुनाफा बढ़ता है तो भगवान के बिजनेस में हिस्सेदारी बढती जाती है और भक्तों को अपने व्यापार में ईमानदारी बरतते हुए उन्हें उनकी हिस्सेदारी का प्रतिशत देना होता है। यदि कोई भक्त व्यापार बढ़ने पर हिस्सेदारी का प्रतिशत नहीं देता है तो उनकों व्यापार में घाटा होने लग जाता है। ऐसा ही अदभूत मंदिर है सांवरिया सेठ का मंदिर।

मीरा के है गिरधर गोपाल
सांवरिया सेठ का रहस्य भगवान श्रीकृष्ण के रूप में उनकी भक्ति और उनके चमत्कारिक इतिहास में छिपा है। यह मान्यता है कि वे मीराबाई के गिरधर गोपाल हैं, जिन्हें औरंगजेब के काल में छिपाया गया था और बाद में 1840 में भोलाराम गुर्जर को सपने में दर्शन देने के बाद खोदा गया था। सांवरिया सेठ धन और वैभव के दाता माने जाते हैं, और भक्तों की मान्यता है कि वे व्यापार में साझेदारी करके या दान करके उनसे समृद्धि प्राप्त करते है
चित्तौड़गढ़ का जिले में है यह रहस्यमयी मन्दिर
श्री सांवलिया सेठ जी का विशाल मंदिर राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित है। जिसे रहस्यमयी मन्दिर भी माना जाता है। जहां श्रद्धा से ही आपके व्यापार में वृद्धि होना स्वाभाविक है। यह मन्दिर व्यापरियों के बिजनेस पार्टनर के नाम से भी प्रसिद्ध है। यहां दूर दूर से श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं।
सांवरिया सेठ के चमत्कार पर बन रही है फिल्म
सांवरिया सेठ मंदिर में कई नेता और अभिनेता दर्शन करने गए हैं, जिनमें अभिनेता संजय दत्त, गोविंदा, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हैं। अन्य राजनेताओं में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला भी शामिल हैं। सोनू सूद और पीयूष चोपड़ा ने सांवरिया सेठ पर आधारित एक फिल्म को भी बनाने की शुरूआत की है।
करोड़ो रूपए में आती है हिस्सेदारी की धनराशि
श्री सांवलिया सेठ मंदिर, मंडफिया (चित्तौड़गढ़) में इस साल 2025 में अक्टूबर तक का वार्षिक चढ़ावा 225 करोड़ रुपये को पार कर गया है। इसी तरह हर साल श्री सांवरिया सेठ जी को प्रतिवर्ष करोड़ो रूपए में बिजनेस की हिस्सेदार की रूपया आता है। जो इनके बिजनेस पार्टनर है वह अपनी हिस्सेदारी यहां की दान पेटियों में डाल देते है। ऐसे खुलते है सांवरिया सेठ के दर्शन
यहां दर्शन के लिए भक्त सुबह 5:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक आते है इसके बाद दोपहर 2:30 बजे से रात 11:00 बजे तक (यह समय त्योहारों
और विशेष दिनों में बदल सकता है)।


