इंदौर। तिल्लौर–शिवनगर मार्ग स्थित संकट मोचन हनुमंत मंदिर, खेड़ापति आश्रम पिपलिया लोहार में चल रहे विराट हनुमंत मेले में इन दिनों आस्था अपने चरम पर पहुंच गई है। तपोनिष्ठ संत श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर श्री राजगुरु जी महाराज की 72 घंटे की दिव्य भू-समाधि साधना को लेकर श्रद्धालुओं में गहरा भावनात्मक जुड़ाव दिखाई दे रहा है। महाराज श्री ने समाधि में जाने से पूर्व ही भक्तों को समय की मर्यादा बताते हुए कहा था कि सोमवार को दोपहर 12 बजे हनुमान चालीसा का पाठ किया जाए, इसके पश्चात आरती होगी और ठीक 12:35 बजे शंख ध्वनि के साथ वातावरण गूंज उठेगा। इसके बाद दोपहर 12:45 बजे महाराज श्री समाधि से निकलकर भक्तों को दिव्य दर्शन देंगे और आशीर्वाद प्रदान करेंगे। इस क्षण को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और भावनात्मक प्रतीक्षा देखी जा रही है।

72 घंटे की दिव्य भू-समाधि साधना
तपोनिष्ठ संत श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर श्री राजगुरु जी महाराज 72 घंटे की दिव्य भू-समाधि साधना में लीन हो गए थे। साधना के इस अलौकिक क्षण के साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और पूरा वातावरण भक्ति एवं आस्था से गूंज उठा। महाराज जी ने श्रद्धालुओं को आश्वस्त किया कि वे 13 अप्रैल को साधना पूर्ण कर पुनः भक्तों के बीच आकर आशीर्वाद प्रदान करेंगे।
व्यापक तैयारियां की गई
सोमवार को बड़ी संख्या में भक्तों और श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए आयोजन स्थल पर व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु दर्शन व्यवस्था के लिए सेवा दल और आयोजक पूरी तरह सक्रिय हैं, ताकि प्रत्येक श्रद्धालु इस अलौकिक क्षण का साक्षी बन सके।

महाराज श्री के समाधि से बाहर आने के पश्चात उनके सानिध्य में अभिमंत्रित रुद्राक्ष का वितरण भी किया जाएगा, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। वहीं कथा व्यास पं. विनोद शास्त्री ने जानकारी दी कि सोमवार को भागवत कथा का वाचन दोपहर 12 बजे के स्थान पर 1 बजे से किया जाएगा। रविवार को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों और भागवत कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। कथा स्थल और मेले परिसर में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा, जहां हर ओर भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम नजर आया। भजन, झांकियों और धार्मिक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।


