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गुप्त नवरात्र में रोजाना करें मां दुर्गा की आराधना, मिलेगी कृष्टों से मुक्ति, सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का करें पाठ

हर साल माघ के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से गुप्त नवरात्र की शुरुआत होती है। इस दौरान मां दुर्गा की दस महाविद्याओं की विशेष पूजा-अर्चना करने का विधान है। वैसे तो इस नवरात्र में गृहस्थो को किसी भी साधना से दूर रहना चाहिए या किसी गुरू के सानिध्य में ही साधना करनी चाहिए। बिना किसी गुरू के साधना का फल नहीं मिलता है। इस नवरात्र में ही पूजा पाठ करें जो आप दैनिक जीवन में करते है। क्योकि गुप्त नवरात्र की पूजा करने से आपकी नित्य की जाने वाली पूजा-अर्चना का फल आपको कई गुना हो कर मिलता है।
नवरात्रि में कुछ विशेष पाठ करने से भी आपकों दैविक कृपा मिलती है लेकिन यह बिना गुरू के ना करें। गुप्त नवरात्र में सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ करने का अंत्यत महत्व है। यह पाठ आपको दुर्गा सप्तसती के पाठ करने जितना फल देता है। लेकिन यह पाठ आपकों नियमानुसार ही करना चाहिए। इससे साधक को जीवन में शुभ परिणाम देखने को मिलते हैं।

शत्रुओं पर मिलती है विजय
गुप्त नवरात्र में मां दुर्गा की साधना करने से साधक को शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। साथ ही जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। मुश्किलों से छुटकारा पाने के लिए बहुत यह पाठ कल्याणकारी माना जाता है।

साधना से सिद्धि पाने का समय
माघ महीने की गुप्त नवरात्र बेहद कल्याणकारी मानी जाती है। यह सिद्धियों को प्राप्त करने का सबसे बड़ा अवसर माना जाता है। शास्त्र के अनुसार, गुप्त नवरात्र में रातों में की गई साधना और उपाय कभी खाली नहीं जाते हैं। जीवन में शुभता का आगमन होता है।

धन लाभ और कर्ज मुक्ति के लिए
अगर आप आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, तो गुप्त नवरात्र की किसी भी रात को एक कमरे में उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें। एक मिट्टी के दीपक में कपूर जलाएं और उसमें दो फूल वाली लौंग डाल दें। इसके बाद मां लक्ष्मी के स्वरूप मां कमला का ध्यान करते हुए “ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद” मंत्र का जाप करें। ऐसा करने से रुका हुआ धन वापस मिलता है और आय के नए स्रोत खुलते हैं।

शत्रु और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति
अगर आप गुप्त शत्रु से परेशान हैं, तो रात के समय एक पीले कपड़े पर मां बगलामुखी का ध्यान करते हुए थोड़े से पीले सरसों के दाने और एक साबूत हल्दी रखें। मां से शत्रु शांत होने की प्रार्थना करें और अगले दिन इसे किसी शांत स्थान पर दबा दें या जल में प्रवाहित कर दें। इस उपाय को करने से शत्रु शांत होते हैं।

बनेंगे बिगड़े काम
अगर आपके काम बनते-बनते बिगड़ रहे हैं, तो नवरात्र की अष्टमी या नवमी की रात को एक नारियल लें और उस पर सिंदूर से तिलक लगाएं। उसे अपने सिर से सात बार वारकर मां दुर्गा के चरणों में रख दें और रात भर अपने पूजा स्थान पर रहने दें। अगले दिन इसे किसी मंदिर में रख दें। ऐसा करने से कार्यक्षेत्र की सभी बाधाएं दूर होती हैं और बिगड़े काम बनने लग जाते हैं।

नियमों का रखें खास ख्याल
इन उपायों को करते समय किसी से बात न करें और न ही किसी को इनके बारे में बताएं।
इन नौ दिनों की रातों में तामसिक भोजन और नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
पुजा के दौरान सभी नियमों का पालन करें, मां दुर्गा को भोग अवश्य लगाएं।
पूजा के दौरान दीपक की लौ दक्षिण दिशा की ओर न रखें, इसे पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखना ही शुभ होता है।

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