*हरी के ऊपर आम का रस छलके*
कलयुग में भगवान प्रप्ति हरि नाम के माध्यम से .. श्री यतींद्रचार्य जी
इंदौर । भगवान मिल सकते हैं पूजा से मिल सकते हैं ,यज्ञ से मिल सकते हैं ,आप जो सत्कर्म करते हैं उससे मिल सकते हैं। लेकिन सबसे सरल माध्यम इस कलयुग में भगवान की प्राप्ति का हरि नाम जप है । उपरोक्त विचार युवराज स्वामी श्री यतींद्रचार्य जी महाराज ने श्री पद्मावती वेंकटेश देवस्थान पर आम्र अभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं के समक्ष व्यक्त किये। युवराज स्वामी जी ने कहा भगवान भाव के भूखे होते हैं भावपूर्वक नाम जप भी पर्याप्त है ।श्री पद्मावती वेंकटेश देवस्थान पर आज आम रस की धार से प्रभु वेंकटेश बालाजी का अभिषेक किया गया ।
मंदिर समिति के हरिकिशन साबू मनोहर सोनी एवं नितिन तापड़िया ने बताया कि इसके पूर्व श्री पद्मावती वेंकटेश देवस्थान विद्या पैलेस कॉलोनी पर शुरुआत में लाठी परिवार राजेंद्र नगर एवं सोनी परिवार तराना द्वारा 51 रजत कलश का पूजन किया गया कलश के ऊपर नारियल रखा हुआ था और अंदर सप्त नदियों के जल उसमें भरा हुआ था वेद मंत्र से उसे अभिमंत्रित किया गया और भगवान श्री बालाजी का अभिषेक प्रारंभ किया गया साथ ही उत्सव विग्रह का भी अभिषेक किया गया दूध दही शक्कर शहद इत्यादि द्रव्यों का प्रयोग भी अभिषेक के लिए किया गया। वही 100 किलो से अधिक आम के रस की धार से प्रभु वेंकटेश बालाजी का अभिषेक में किया गया। अभिषेक के दौरान श्री सूक्त ,पुरुष सूक्त, अलविंदर स्तोत्र वेंकटेश स्तोत्र का पाठ भी किया गया। जैसे ही आम रस से अभिषेक प्रारंभ हुआ हरिकिशन साबू भोपू जी ने भजनों की धुन छेड़ी आम का रस छलके हरि के ऊपर आम का रस छलके, उन्होंने करके इशारों बताई गई रे बरसाने की छोरी सहीत कई भजन की रस गंगा यहां पर बहाई । भजनों पर श्रद्धालु अपने को थिरकने से रोक नहीं पाए ।तत्पश्चात भगवान का श्रृंगार करके आरती की गई एवं भक्तों को आमरस के प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसरबंशीधर जी सोमानी, हरक चंद बियानी, भगवानदास हेडा, कैलाश जोशी, कालू शारदा अशोक अग्रवाल, राजा लड्ढा, मदन बंग, अनुराग तिवारी, राम हुरकत ,पदमा सोनी, सरला हेड़ा, शारदा साबू, बलराम समदानी , राजेंद्र मंत्री प्रदीप साबू, अक्षय काबरा, नारायण मालानी,आदि उपस्थित थे


