इंदौर के श्रोता केवल सुनते नहीं, महसूस भी करते हैं: राहुल देशपांडे
इंदौर। संगीत केवल सुरों का मेल नहीं होता। कभी-कभी वह समय की सीमाओं को पार कर पीढ़ियों को जोड़ देता है। यही अनुभव लेकर प्रसिद्ध गायक राहुल देशपांडे 21 जून को इंदौर आ रहे हैं, जहां वे अपने बहुचर्चित कार्यक्रम अभंगवारी 2026 के अंतर्गत लाभ मंडपम में प्रस्तुति देंगे।
अभंगवारी केवल एक संगीत कार्यक्रम नहीं है। यह महाराष्ट्र की संत परंपरा की उस अमूल्य विरासत का उत्सव है, जिसने सदियों से लोगों को भक्ति, प्रेम, करुणा और आत्मचिंतन का मार्ग दिखाया है। संत तुकाराम, संत ज्ञानेश्वर, संत नामदेव और संत एकनाथ की रचनाओं को राहुल देशपांडे अपनी विशिष्ट शैली में प्रस्तुत करते हैं, जिससे संत साहित्य आज की पीढ़ी तक सहज रूप से पहुंचता है।
इंदौर में होने वाला यह कार्यक्रम अभंगवारी 2026 की राष्ट्रीय यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव होगा। इस यात्रा की शुरुआत 20 जून को पिंपरी-चिंचवड़ से होगी और इसके बाद यह कारवां इंदौर, हैदराबाद, दिल्ली, बेंगलुरु, अमरावती, नागपुर, मुंबई, नाशिक, पुणे, अहमदाबाद और वडोदरा सहित देश के 13 शहरों तक पहुंचेगा।
इंदौर के श्रोताओं के प्रति अपना विशेष स्नेह व्यक्त करते हुए राहुल देशपांडे कहते हैं, “इंदौर ने हमेशा संगीत और संस्कृति को खुले दिल से अपनाया है। यहां का श्रोता केवल सुनता नहीं, महसूस भी करता है। अभंगवारी के माध्यम से संत तुकाराम, संत ज्ञानेश्वर और अन्य संतों की वाणी को इंदौर के रसिकों तक पहुंचाना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। मुझे विश्वास है कि यह केवल एक संगीत कार्यक्रम नहीं, बल्कि आत्मा को छू लेने वाला अनुभव होगा।”
आज के दौर में जब जीवन की गति लगातार बढ़ रही है, संतों की वाणी लोगों को भीतर झांकने और स्वयं से जुड़ने का अवसर देती है। यही कारण है कि अभंगवारी केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं रही, बल्कि देशभर के श्रोताओं के बीच लोकप्रिय हो चुकी है।
हर शहर में कुछ लोग पहली बार अभंग सुनेंगे। कुछ अपनी सांस्कृतिक जड़ों से दोबारा जुड़ेंगे। कुछ को अपने व्यस्त जीवन के बीच शांति का एक पल मिलेगा। और कुछ यह महसूस करेंगे कि संतों की वाणी समय से परे है।

इंदौर में होने वाली यह शाम भक्ति, संगीत और आध्यात्मिकता का एक दुर्लभ संगम लेकर आएगी, जहां सदियों पुराने अभंग आधुनिक मन को भी उतनी ही गहराई से स्पर्श करेंगे जितना वे अपने समय में करते थे।
अभंगवारी 2026 टूर शेड्यूल
20 जून – पिंपरी-चिंचवड़ | राम कृष्ण मोरे थिएटर | शाम 5:30 बजे
21 जून – इंदौर | लाभ मंडपम | शाम 7:00 बजे
27 जून – हैदराबाद | शिल्पकला वेदिका | शाम 7:00 बजे
28 जून – दिल्ली | भारत मंडपम | शाम 7:00 बजे
3 जुलाई – बेंगलुरु | चौडैया मेमोरियल हॉल | शाम 6:30 बजे
4 जुलाई – अभंगवारी सकाळ विठ्ठलाची | चौडैया मेमोरियल हॉल, बेंगलुरु | सुबह 9:30 बजे

11 जुलाई – अमरावती | छत्रपति श्री शिवाजी महाराज सभागृह | शाम 7:00 बजे
12 जुलाई – नागपुर | कविवर्य सुरेश भट ऑडिटोरियम | शाम 6:30 बजे
18 जुलाई – मुंबई | षण्मुखानंद हॉल | शाम 6:30 बजे
19 जुलाई – नाशिक | महाकवि कालिदास ऑडिटोरियम | शाम 5:30 बजे
25 जुलाई – पुणे | पंडित फार्म्स | शाम 6:30 बजे
1 अगस्त – अहमदाबाद | टैगोर हॉल | दोपहर 3:00 बजे
2 अगस्त – वडोदरा | सर सयाजीराव नगरगृह | दोपहर 3:00 बजे


