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इंदौर जिले में 7 वर्षों में 70 हजार करोड़ रु. की लागत से चौतरफा विकास का दावा, अनेक मामलों में देश में अग्रणी मुकाम बनाया

इंदौर जिले में 7 वर्षों में 70 हजार करोड़ रु. की लागत से चौतरफा विकास का दावा, अनेक मामलों में देश में अग्रणी मुकाम बनाया

संस्था सेवा सुरभि द्वारा “सांसद से संवाद” कार्यक्रम में लालवानी ने बताई अपने कार्यकाल की ढेरों उपलब्धियां, प्रबुद्धजनों ने दिए अनेक सुझाव

इंदौर,। लोकसभा में इंदौर का प्रतिनिधित्व करते हुए सांसद शंकर लालवानी ने पिछले 7 वर्षों में 70 हजार करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगातें दी है। रेलवे, विमान सेवा, राष्ट्रीय राजमार्ग, फ्लाईओवर, आउटर रिंग रोड, नया रेलवे स्टेशन और मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब, टेक्सटाइल पार्क, ट्रांसपोर्ट हब, आईटी पार्क से लेकर विश्व के सबसे बड़े प्रिवेंटिव हेल्थ केयर अभियान सहित इंदौर ट्रेड प्रमोशन काउंसिल के गठन जैसे अनेक कार्यों को गिनाते हुए दावा किया कि इंदौर संसदीय क्षेत्र में केंद्र सरकार की अनेक योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं जिनसे शहर एवं जिले का चौतरफा विकास हुआ है। दूसरी ओर शहर के जागरूक नागरिकों ने सांसद लालवानी के साथ संस्था सेवा सुरभि द्वारा साउथ तुकोगंज स्थित एक होटल के सभागृह में आयोजित “सांसद से संवाद” कार्यक्रम में शहर से जुड़े अनेक ज्वलंत मुद्दों को पूरी शिद्दत से उठाया और उनसे आग्रह किया कि वे बढ़ते शहरीकरण के साथ शहर के आन्तरिक क्षेत्रों के विकास को भी तवज्जो दें। लालवानी ने दावा किया कि शहर अब भिखारी मुक्त बन चुका है, पीएम मातृवंदन योजना में भी अग्रणी बन गया है और सबसे महत्वपूर्ण बात तो यह है कि इंदौर की जीडीपी दोगुनी से भी अधिक हो चुकी है।

संस्था सेवा सुरभि द्वारा वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव के पूर्व सांसद प्रत्याशी के रूप में लालवानी को आमंत्रित कर उनके समक्ष शहर के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले लोगों के साथ सार्थक संवाद का आयोजन कर उनके समक्ष क्षेत्र की अनेक समस्याओं को उठाते हुए एक प्रतिवेदन सौंपा गया था। करीब 2 वर्ष बाद संस्था ने उक्त प्रतिवेदन पर सांसद द्वारा की गई कार्रवाई, पहल और केंद्र सरकार के स्तर पर की गई कोशिशों का हिसाब माँगा, जिसपर सांसद ने खुलेमन से बिन्दुवार सभी मुद्दों पर अब तक किए गए प्रयासों और उनके सार्थक नतीजों का ब्यौरा दिया।

संस्था सेवा सुरभि की ओर से रंगकर्मी संजय पटेल ने 2 वर्ष पूर्व सौंपे गए प्रतिवेदन की ओर उनका ध्यानाकर्षण किया। जनता की ओर से पद्मश्री जनक पलटा, अभिभाषक अनिल त्रिवेदी, अजीत सिंह नारंग, प्रमोद डफरिया, गौतम कोठारी, भूगर्भ जल विशेषज्ञ डॉ. सुधीन्द्र मोहन शर्मा, अर्थशास्त्री डॉ. जयंती लाल भंडारी, डॉ. भारत शर्मा, इंजी. मुकेश चौहान सहित अनेक प्रबुद्धजनों ने सांसद का ध्यानाकर्षण करते हुए अनेक सुझाव दिए जिनमें मुख्य रूप से प्लास्टिक की पानी की बोतलों पर प्रतिबन्ध लगाने, नागरिकों को मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों के बजाय बेहतर जन सुविधाओं वाला शहर बनाने, शहर में बाहर से आकर पढने वाले विद्यार्थियों के लिए रियायती दरों पर छात्रावास बनवाने और उनमें बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराने से लेकर वाटर रिचार्जिंग की संख्या बढाने तथा तालाबों और बावडियों की सफाई कराकर उनका गहरीकरण करने जैसे सुझाव दिए। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान के साथ हुआ।

सांसद लालवानी इस आयोजन के लिए पूरी तैयारी से आए थे और उन्होंने सबसे पहले प्रोजेक्टर की मदद से मात्र 10 मिनिट की फिल्म के जरिए इंदौर संसदीय क्षेत्र में किए गए और चल रहे विकास कार्यों की जीवंत तस्वीरें दिखाकर यह दावा भी किया कि शहर की जीडीपी अब दुगुनी से भी अधिक हो गई है जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नीति आयोग की पिछले सप्ताह हुई बैठक में प्रशंसा करते हुए यह भी कहा कि इंदौर की तरह प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में जीडीपी बढाने का काम भी होना चाहिए। सांसद लालवानी ने अपने कुल 7 वर्ष के सांसद कार्यकाल की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि पूरे क्षेत्र में फ़िलहाल करीब 70 हजार करोड़ रु की लागत से विभिन्न सौगातें मिल रही हैं। इनमें 12 हजार 500 करोड रु की लागत से इंदौर-खलघाट सिक्स लेन, इंदौर-इच्छापुर एक्सप्रेस वे से इंदौर से खंडवा ढाई घंटे में और इंदौर से हैदराबाद की दूरी 10 घंटे में तय करने जैसे राजमार्ग का निर्माण और इंदौर से उज्जैन-झालावाड-कोटा होते हुए दिल्ली की सीधी कनेक्टिविटी तथा इंदौर से नेमावर, हरदा, बैतूल होते हुए नागपुर और कोलकाता तक सीधी कनेक्टिविटी का काम लगभग पूरा हो चुका है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और भारत माला प्रोजेक्ट के तहत शहर में 16 फ्लाई ओवर का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। बायपास के बोगदे बड़े करने की भी मंजूरी मिल चुकी है जिससे वहां लगने वाले ट्राफिक जाम की समस्या से मुक्ति मिल सकेगी।

सात दिशाओं में सीधी रेल सेवा – उन्होंने कहा कि करीब 25 हजार करोड़ रु की लागत से इंदौर से अब 7 दिशाओं में सीधी रेल सेवा उपलब्ध हो रही है। इंदौर से उज्जैन-कोटा होते हुए दिल्ली, इंदौर-भोपाल, झाँसी होते हुए अयोध्या, इंदौर-बुधनी, जबलपुर होते हुए कोलकाता, इंदौर-खंडवा होते हुए हैदराबाद-बेंगलुरु, इंदौर से मनमाड होते हुए मुंबई, इंदौर-धार, दाहोद होते हुए बड़ोदा और इंदौर-गौतमपुरा, रतलाम होते हुए जोधपुर तक सीधी रेल सेवा का लाभ इंदौर के रेल यात्रियों को मिल रहा है। यही नहीं इंदौर के नए रेलवे स्टेशन का आधुनिक स्वरुप भी जल्द ही बनकर सामने आएगा।

सौ से ज्यादा उड़ानें– सांसद लालवानी ने कहा कि वर्तमान में इंदौर विमानतल से 100 से ज्यादा घरेलू एवं अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें चल रही हैं। वर्तमान में यहाँ 26 बड़े विमानों की पार्किंग सुविधा उपलब्ध है। 2 नए टर्मिनल के साथ इंदौर विमानतल अब मध्य भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन चुका है। यहाँ नया फिरे स्टेशन और नई कम्युनिकेशन बिल्डिंग, नए एटीसी भवन सहित 5 नए एरोब्रिज बन चुके हैं। करीब 400 करोड़ रु की लागत से इंदौर का एयरपोर्ट अब सेन्ट्रल इंडिया का सबसे विकसित एयरपोर्ट बन चुका है। इसके साथ ही इंदौर में इन्फ्रास्ट्रक्चर के मामले में भी विश्व स्तरीय तरक्की का दौर चल पड़ा है जिसके तहत मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब, टेक्सटाइल पार्क, आईटी पार्क, ट्रांसपोर्ट हब, एलिवेटेड ब्रिज और अत्याधुनिक रेलवे स्टेशन सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम हुए हैं। हेल्थ ऑफ़ इंदौर के तहत इंदौर में अब विश्व का सबसे प्रिवेंटिव हेल्थ केयर अभियान सम्पन्न हो चुका है जिसमें 4 लाख से अधिक लोगों के 40 लाख से अधिक टेस्ट किए जा चुके हैं। इनमें 400 करोड़ की लागत से एसिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, 240 करोड़ रु का सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, बॉनमेरो ट्रांसप्लांट सुविधा, मातृत्व वन्दन योजना में 91 करोड़ रु की सहायता से देश में प्रथम स्थान प्राप्त होने, थेलेसेमिया मरीजों को 4 करोड़ रु की निशुल्क औषधियां जन सहयोग से उपलब्ध कराने और आयुष्मान योजना के अंतर्गत 100 परसेंट पात्र लोगों के कार्ड बनाकर उन्हें 250 करोड़ रु से अधिक की चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल चुका है।

सांसद ने कहा कि रेडिमेड कपड़ों और वस्त्र उद्योग पर जीएसटी कम कराने की दिशा में भी उन्होंने सार्थक प्रयास किए हैं। इंदौर ट्रेड प्रमोशन काउंसिल का गठन और एक्सपोर्ट लाइसेंस प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में भी उन्होंने हरसंभव प्रयास किए। स्टार्टअप और निवेश के क्षेत्र में भी अब इंदौर पहली पसंद बनता जा रहा है। यहाँ 3200 से अधिक स्टार्टअप्स रजिस्टर्ड हो चुके हैं और 50 से अधिक संस्थाओं के साथ एमओयू भी हो चुके हैं। जिले में 65 प्रतिशत इनकम टैक्स रेवेन्यू और 21 प्रतिशत जीएसटी कलेक्शन बढ़ा है। प्रति व्यक्ति आय 43 प्रतिशत बढ़ी है और प्रॉपर्टी की खरीदी-बिक्री में भी 50 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

शहरी क्षत्र के अलावा ग्रामीण क्षेत्र में भी 12 हजार से अधिक परिवारों को पीएम आवास योजना, 500 से अधिक गांवों को पीएम जल जीवन मिशन, 101 अमृत सरोवर का निर्माण, 70 हजार परिवारों को पीएम उज्ज्वल योजना से नए गैस कनेक्शन और 4 लाख से अधिक ग्राहकों को एलपीजी गैस कनेक्शन मिल चुके हैं। मातृत्व वन्दन योजना में 1.63 लाख माताओं को 82 करोड़ से अधिक की सहायता राशि दी गई है। इंदौर अब भारत का पहला भिक्षुक मुक्त शहर बन चुका है। जैसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने इंदौर आगमन पर कहा था – इंदौर एक दौर है जो समय से आगे चलता है और साथ ही अपनी विरासत को भी समेटे हुए है “के अनुरूप इंदौर संसदीय क्षेत्र में हरसंभव चौतरफा विकास हुआ है और यह सिलसिला लगातार जारी बना हुआ है।

कार्यक्रम में सांसद लालवानी ने पिछले कार्यकाल के 5 और वर्तमान कार्यकाल के 2 सहित कुल 7 वर्ष की उपलब्धियों को गिनाया, वहीं सभागृह में मौजूद शहर के प्रबुद्धजनों ने भी शहर की यातायात व्यवस्था, अतिक्रमण, पेयजल संकट, भूजल स्तर और अन्य समस्याओं की ओर उनका ध्यानाकर्षण किया। प्रारम्भ में संस्था के संयोजक ओमप्रकाश नरेडा, सचिव कुमार सिद्धार्थ आदि ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर डॉ. विनिता कोठारी, अशोक कोठारी, मुरलीधर धामानी, मनमोहन सिंह, पूर्व महापौर डॉ. उमाशशि शर्मा, सुरेश हरियाणी, रामेश्वर गुप्ता सहित बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों ने भी अपने सुझाव प्रस्तुत किए। अंत में संयोजक ओमप्रकाश नरेडा ने आभार माना।

 

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