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जीआरपी इंदौर का वृहद पर्यावरण संरक्षण अभियान, -800 से अधिक फलदार, छायादार एवं स्वदेशी पौधों का हुआ वृहद वृक्षारोपण

जीआरपी इंदौर का वृहद पर्यावरण संरक्षण अभियान,

-800 से अधिक फलदार, छायादार एवं स्वदेशी पौधों का हुआ वृहद वृक्षारोपण

एडीजी रेलवे  राजा बाबू सिंह के निर्देशन में जीआरपी इंदौर का वृहद पर्यावरण संरक्षण अभियान, 800 से अधिक फलदार, छायादार एवं स्वदेशी पौधों का हुआ वृहद वृक्षारोपण

*इंदौर-* अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रेलवे, मध्यप्रदेश, राजा बाबू सिंह के निर्देशन एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनके दूरदर्शी दृष्टिकोण के अनुरूप पुलिस अधीक्षक रेल इंदौर अरविंद तिवारी के मार्गदर्शन में जीआरपी इंदौर द्वारा व्यापक वृक्षारोपण अभियान संचालित किया गया। अभियान के अंतर्गत जीआरपी इंदौर के समस्त थाना, चौकी एवं आर.आर.पी. लाइन परिसर में कुल 282 अधिकारी एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए 800 से अधिक फलदार, छायादार एवं स्थानीय (इंडीजिनस) पौधों का रोपण किया।

वृक्षारोपण के दौरान बादाम, पपीता, गूलर, शहतूत, कटहल, मोरिंगा (सहजन), जामुन, आम, इमली तथा त्रिवेणी (पीपल, बरगद एवं नीम) सहित अनेक पर्यावरण हितैषी पौधे लगाए गए। सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पौधों के संरक्षण, नियमित देखभाल एवं उन्हें वृक्ष के रूप में विकसित करने का संकल्प भी लिया, ताकि यह अभियान भविष्य में हरित, स्वच्छ एवं संतुलित पर्यावरण की दिशा में एक प्रभावी पहल सिद्ध हो।

मुख्य वृक्षारोपण कार्यक्रम आर.आर.पी. लाइन इंदौर में आयोजित किया गया, जिसमें पुलिस अधीक्षक रेल इंदौर  अरविंद तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रेल इंदौर श्रीमती लवली सोनी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रेल इंदौर  हेमन्त चौहान, उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती ज्योति शर्मा, निरीक्षक सुश्री रश्मि पाटीदार, मोहन मालवीय,  विपिन बाथम, सूबेदार सुश्री वर्षा गौर सहित कार्यालय पुलिस अधीक्षक रेल इंदौर के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारियों ने सहभागिता करते हुए पौधारोपण किया।

जीआरपी इंदौर का यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के प्रति पुलिस संगठन की संवेदनशीलता, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं जनहित के प्रति प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रेलवे श्री राजा बाबू सिंह द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं हरित परिसर विकसित करने के दिए गए सतत् मार्गदर्शन और प्रेरणा को मूर्त रूप देते हुए जीआरपी इंदौर ने यह संदेश दिया है कि प्रकृति का संरक्षण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक और प्रत्येक पुलिसकर्मी का नैतिक दायित्व है।

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