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जहाँ धर्म नहीं, वहां सब पशु – ज्योतिर्मयानंद

जहाँ धर्म नहीं, वहां सब पशु – ज्योतिर्मयानंद

खंडवा रोड स्थित अखंड परम धाम आश्रम पर युगपुरुष स्वामी परमानंद गिरि के सानिध्य में चल रहा ध्यान एवं योग शिविर

 

इंदौर, । मनुष्य जीवन में अनेक तरह की भ्रांतियां आती रहती हैं। सनातन संस्कृति में सत्संग, हरि भजन और प्रभु कृपा से मनुष्य को अमृतत्व की प्राप्ति संभव है। धर्म ही वह तत्व है जो मनुष्य और जानवर में भेद को रेखांकित करता है अन्यथा आहार, निंद्रा, भय और मैथुन के गुण तो जानवरों में भी पाए जाते हैं। एक धर्म ही ऐसा तत्व है जो हमें जानवरों से अलग करता है। जहाँ धर्म नहीं होता वहां सब पशु ही होते हैं, यह मान्यता है। हम सब शुभ कर्मों के माध्यम से अपने जीवन को सार्थक बनाएं यही हमारा परम लक्ष्य होना चाहिए।

ये प्रेरक विचार हैं राम जन्मभूमि न्यास अयोध्या के न्यासी एवं युगपुरुष स्वामी परमानंद गिरि महाराज के उत्तराधिकारी, आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी ज्योतिर्मयानंद गिरि के, जो उन्होंने बुधवार की शाम को अखंड परम धाम सेवा समिति के तत्वावधान में खंडवा रोड स्थित अखंड परमधाम आश्रम के परमानंद सभागृह पर चल रहे 30वें ध्यान एवं योग शिविर के दौरान देशभर से आए भक्तों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। इसके पूर्व सुबह के सत्र में युगपुरुष स्वामी परमानंद महाराज ने स्वयं योग एवं ध्यान का अद्भुत अभ्यास कराया और कहा कि मन को साध लेना ही ध्यान होता है। हम अपने मन को संसार से हटाकर स्वयं पर लगा लें, और ऐसी अनुभूति करें कि हम कुछ समय के लिए संसार से अलग रह रहे हैं। योग और ध्यान के माध्यम से ही हम अपने स्वास्थ्य को लम्बे समय तक श्रेष्ठ बनाए रख सकते हैं। इस दौरान सैकड़ों साधकों ने ध्यान की अनेक क्रियाओं का अभ्यास भी किया।

इस अवसर पर दोनों सत्रों में महामंडलेश्वर स्वामी ज्योतिर्मयानंद गिरि, साध्वी दिव्य चेतना, स्वामी परमात्मानंद, स्वामी चेतनानन्द, स्वामी भूमानंद, स्वामी आदित्य चेतना गिरि एवं स्वामी चैतन्य सिन्धु के सानिध्य में भजन गायक भरत बागोरा ने गुरु वन्दना की मनोहारी प्रस्तुति देकर भक्तों को मंत्रमुग्ध बनाए रखा। प्रवचन शुभारंभ के पूर्व रामबाबू अग्रवाल, तिलकराज ठक्कर, रघुनाथ गनेरीवाला, मुकेश राजानी, दिनेश अग्रवाल, पारुल मंडोरा, रजनी माथुर, सुनील चौहान, निरंजन पुरोहित, ओपी कौशिक, किशोर आर्य एवं मुंबई से आए प्रवीण मित्तल तथा, बडौदा से आए प्रशांत कानडे आदि ने युगपुरुष एवं अन्य संतों का स्वागत किया।

आश्रम प्रबंध समिति के अध्यक्ष किशनलाल पाहवा, महामंत्री राजेश अग्रवाल एवं समन्वयक विजय शादीजा ने बताया कि खंडवा रोड स्थित अखंड परमधाम आश्रम पर 16 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 8 से 9 बजे तक और संध्या 5 से 7 बजे तक आयोजित होगा। शिविर में भाग लेने के लिए बड़ी संख्या में देश के विभिन्न शहरों से साधक आए हुए हैं, जिनके लिए भोजन एवं आवास की व्यवस्था खंडवा रोड स्थित आश्रम पर की गई है। शिविर एवं अन्य सभी कार्यक्रम निःशुल्क हैं, लेकिन प्रवेश के लिए ‘पहले आएं पहले पाए’ आधार पर ही व्यवस्था रहेगी।

 

 

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