सैकड़ो वर्षों बाद आज फिर अयोध्या में राजवंश का ध्वज फहरेगा इसके साथ ही देश में रामराज्य स्थापना का शुभदिन आया है। इसको लेकर पूरे देश में उत्साह है। यह भारत देश के लिए ऐतिहासिक दिन है जब राममंदिर में रामलला के विराजमान होने के बाद धर्म ध्वजा फहरा रही है। बताया जा रहा है कि अयोध्या राजवंश का ध्वज त्रेतायुग के बाद पहली बार आधिकारिक रूप से राम मंदिर पर फहराया जाएगा। वैष्णव परंपरा के संतों ने शास्त्रों के अध्ययन और विचार-विमर्श के बाद इस ध्वज की संरचना की है। इस विशेष ध्वज की कई विशेषताएं हैं। इसका रंग केसरिया है जो त्याग और समर्पण का प्रतीक है। इस ध्वज पर सूर्यवंशी भगवान राम के प्रतीक सूर्यदेव का अंकन किया गया है।

पीएम मोदी करेगे ध्वजारोहण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर भगवा धर्म का ध्वजारोहण करेंगे। राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के जरिए संदेश दिया जाएगा कि मंदिर का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। राम मंदिर के लिए, खास तौर पर तैयार किए गए इस 22 फीट लंबे और 11 फीट चौड़े ध्वज के माध्यम से मंदिर का निर्माण कार्य पूरा होने का संदेश दिया जाएगा। डिफेंस मिनिस्ट्री की गाइडलाइंस के मुताबिक, गुजरात में अहमदाबाद के एक पैराशूट स्पेशलिस्ट के बनाए गए इस ध्वज का वजन दो से तीन किलो के बीच है। यह ध्वज 161 फीट ऊंचे मंदिर के शिखर और 42 फीट ऊंचे झंडे के पोल के हिसाब से तैयार किया गया है।
ऐतिहासिक क्षण में होगा ध्वजारोहण
मुगलकाल के बाद राम मंदिर निर्माण की यात्रा वैसे तो देश की आजादी से पहले से चल रही है। लेकिन पिछले लगभग एक दशक में कुछ अहम पड़ाव आए। इनमें से कुछ खास हैं यह दिन रहे 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट से राम मंदिर के हक में फैसला आया। इसके बाद 25 मार्च 2020 की सुबह टेंट से अस्थायी मंदिर में रामलला विराजमान किए गए। 5 अगस्त 2020 को पीएम नरेंद्र मोदी के हाथों भूमि पूजन किया गया। इसके बाद 22 जनवरी 2024 को भव्य राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई। इसी साल 14 अप्रैल 2025 को मुख्य शिखर पर कलश की स्थापना की गई, फिर 5 जून 2025 को प्रथम तल पर राम दरबार की स्थापना हुई। आज 25 नवंबर 2025 को ध्वजारोहण कर राम मंदिर का निर्माण कार्य पूर्ण होने एक प्रकार से आधिकारिक ऐलान किया जा गया है।


