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अपने जीवन को प्रत्येक क्षेत्र में आदर्शमय बनाने का संकल्प लें – राष्ट्र संत सुधासागर म.सा.

अपने जीवन को प्रत्येक क्षेत्र में आदर्शमय बनाने का संकल्प लें – राष्ट्र संत सुधासागर म.सा.
दलाल बाग के विशाल सत्संग सभा मंडप में राष्ट्र संत की पहली धर्मसभा – प्रतिदिन सुबह होगी प्रवचनों की अमृत वर्षा

इंदौर। यह जीवन की सच्चाई है कि जो दुःख आज हमारी जिन्दगी में आ रहे हैं, उनके लिए हम खुद ही जिम्मेदार हैं। ये सभी दुःख हमारे द्वारा किए गए कर्म अथवा अपराध की सजा है। बिना अपराध किए दुःख आ ही नहीं सकता लेकिन याद रखें कि जब भी जीवन में दुःख आए तो नियम से स्वयं को अपराधी घोषित करने का भाव रखना। यह भी ध्यान रखें कि दुःख आया है तो दुःख जाएगा भी। दुःख आने के बहुत सारे साधन हैं। हमारे कर्मों के उदय से ही दुःख का आगमन होता है। यह कर्म पूरे जीवनभर चलेगा। हम हमेशा गुनहगार या अपराधी नहीं हो सकते। हमें अपने सोच, अपराध बोध से ऊपर हटकर बदलना होगा।
ये दिव्य और प्रेरक विचार हैं राष्ट्र संत मुनि पुंगव प.पू. श्री सुधासागर महाराज के, जो उन्होंने सोमवार को सकल दिगम्बर जैन धर्म प्रभावना समिति के तत्वावधान में वीआईपी रोड किला मैदान स्थित दलाल बाग के विशाल सत्संग सभा मंडप में आयोजित चातुर्मास की पहली धर्मसभा में उपस्थित समाज बंधुओं को संबोधित करते हुए अपने आशीर्वचन में व्यक्त किए। राष्ट्र संत ने कहा कि हम न तो कर्म से भाग सकते हैं, न अपराध से और न ही जेल से। स्वयं को कभी अपराधी मत मानना। कभी यह भी मत मानना कि मैं जीवनभर जेल में ही रहूँगा। जैसे जेल से फरार व्यक्ति के लिए बहुत सख्त सजा होती है वैसे ही जीवन में अपने कर्तव्यों से फरारी करेंगे तो वहां भी सख्त सजा ही मिलेगी और भाग भी नहीं सकोगे। कभी यह धारणा भी मत बनाना कि मैं जीवनभर इसी तरह अपराध बोध में उलझा रहूँगा। संकल्प लें कि मैं एक ऐसा जीवन जियूंगा कि आदर्श बन सकूं। आदर्श अपराधी के बारे में तो हमने सुना है लेकिन आदर्श धर्मात्मा, आदर्श पापी, आदर्श नीच, आदर्श पडोसी, आदर्श माँ-बाप, आदर्श बच्चे भी बन सकते हैं। आदर्श वह कहलाता है जिसके मन में यह भाव होता है कि मैं भले ही नीच या अपराधी हूँ लेकिन जीवनभर नीच या अपराधी नहीं रहूँगा। चांडाल कुल में जन्मे व्यक्तियों की भी देवताओं द्वारा जय-जयकार की जा सकती है। जीवन को बदलने में देर नहीं लगती। हम अपने जीवन को आदर्श और अच्छा बना सकते हैं और बनाना ही चाहिए, यही हम सबका लक्ष्य होना चाहिए।
प्रारम्भ में धर्म प्रभावना समिति की ओर से मनीष गोधा, हर्ष जैन, नवीन गोधा, अशोक डोसी एवं आकाश कोयला ने बताया कि राष्ट्र संत के श्रीचरणों में श्रीफल समर्पित किया। प्रवचन श्रवण के लिए बड़ी संख्या में राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छग और बुन्देलखण्ड सहित प्रदेश के अनेक जिलों के श्रद्धालु इंदौर आए हुए हैं। दलाल बाग पर प्रतिदिन सुबह 8 से 9.30 बजे तक चातुर्मासिक धर्मसभा में राष्ट्र संत सहित सभी संत विद्वानों के प्रवचनों की अमृत वर्षा जारी रहेगी। चातुर्मास के दौरान विभिन्न अनुष्ठान भी होंगे।
कल गुरु पूर्णिमा, परसो कलश स्थापना – ब्रह्मचारी प्रदीप भैया तथा मप्र महासभा के संयोजक विजय धुर्रा ने बताया कि गुरु पूर्णिमा पर 29 जुलाई को प.पू. राष्ट्र संत सुधासागर महाराज एवं 18 पिच्छिकाओं तथा 20 त्यागियों के सानिध्य में दलाल बाग मैदान पर गुरु पूर्णिमा महोत्सव का दिव्य आयोजन दोपहर 1.30 बजे से प्रारम्भ होगा, जहाँ राष्ट्र संत की महापूजा संगीत के साथ होगी। इसके बाद देशभर से आए भक्तों द्वारा गुरु गुणगान महोत्सव का भव्य आयोजन भी होगा। समिति के मनीष नवीन गोधा, अशोक-रानी डोसी, नवीन गोधा, आकाश जैन, हर्ष जैन, आनंद गोधा, धर्मेन्द्र जैन ने बताया कि 30 जुलाई को चातुर्मास कलश स्थापना का मुख्य आयोजन होगा। गुरु पूर्णिमा पर सुबह 8 बजे से नियमित प्रवचन भी होंगे। शाम को 6 बजे से जिज्ञासा समाधान तथा रात 8 बजे से विश्व प्रसिद्ध भजन गायक ऋषभ-संभव जैन की भजन संध्या होगी। 30 जुलाई को वीर शासन जयंती के महापर्व पर सुबह 7.30 बजे चातुर्मास कलश स्थापना के पूर्व सबसे पहले मंगलाचरण शास्त्र भेंट कर दीप प्रज्वलन होगा। कलश स्थापना के पश्चात गुरुदेव के मंगल प्रवचन होंगे।

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