वीआईपी दर्शन करने की यदि किसी भक्त में इच्छा है तो इसके लिए एक नई व्यवस्था चालू की गई है। यहां पर रक्त का दान करने वालों को वीआईपी दर्शन करने का पास दिया जाएंगा। यह पहल यहां आने वाले श्रद्दालुओ में रक्तदान की जनजागरूकता फैंलाने के लिए की जा रही है। ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट और रेड क्रास सोसाइटी एक ब्लड डोनेशन यूनिट शुरू करने जा रही है। जहां ब्लड डोनर्स को मंदिर में वीआईपी एंट्री का पास दिया जाएगा।
एक माह में शुरू करने के निर्देश
कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने एक महिने के अंदर इस व्यवस्था को शुरू करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि एक महीने के भीतर यह व्यवस्था शुरू की जाए। काशी विश्वनाथ, तिरुपति बालाजी और शिर्डी में इस तरह की व्यवस्था पहले से जारी है। यहां जो भी ब्लड डोनेट करता है उसे वीआईपी दर्शन के पास मुफ्त में दिए जाते हैं।
प्रशस्ति पत्र दिए जाएंगें
रक्तदान से जुड़े समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक कलेक्टर ऋषव गुप्ता की अध्यक्षता में विगत कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई। इसमें कलेक्टर ने जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अनिरुद्ध कौशल को निर्देश दिए कि रक्तदान करने वाले लोगों को प्रोत्साहित किया जाए, उन्हें इसके लिए प्रशस्ति पत्र दिए जाएं। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्तदान के लिए आने वाले रक्तदाताओं को फल एवं फलों के ताजा रस के साथ स्मृति चिह्न के रूप में रक्तदान के लिए प्रेरित करने वाले संदेश लिखे हुए कैरी बैग और चाबी का छल्ला जैसी सामग्री उपलब्ध कराई जाए।
रक्तदान शिविरों का प्रचार-प्रसार हो
कलेक्टर ने बैठक में निर्देश दिए कि रक्तदान के प्रति जागरूकता के लिए शीघ्र ही एक रैली आयोजित की जाए। इसमें इस क्षेत्र में जुड़े सभी समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों की भी सहभागिता हो। उन्होंने कहा कि रक्तदान शिविरों के आयोजन से पूर्व उनकी तिथि और स्थान का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि रक्तदान के इच्छुक आधिकाधिक लोग शिविर में रक्तदान कर सकें।
कलेक्टर ने बैठक में कहा कि स्वेच्छा से रक्तदान करने वाले व्यक्तियों को चार माह बाद रक्तदान के लिए रिमाइंडर की सुविधा भी विकसित की जाए। रक्तदाताओं के लिए हेल्पलाइन सुविधा शुरू करने के निर्देश भी सिविल सर्जन एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दिए। कलेक्टर ने ओंकारेश्वर में मंदिर ट्रस्ट एवं रेडक्रास के सहयोग से रक्तदान के लिए एक स्थाई यूनिट शुरू करने के लिए भी कहा।


