कल्पवास एक ऐसा समय होता है जब गृहस्थ व्यक्ति किसी पवित्र स्थान जैसे कुंभ मेला माघ मेला या त्रिवेणी संगम पर एक महीने तक रहकर, कठोर नियमों का पालन करता
12 बारह ज्योतिर्लिग में से चौथा ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में ओंकारेश्वर में स्थित है। भगवान शिव यहां राजा मान्धाता की तपस्या से प्रसन्न हो कर प्रकट हुए
अष्ट चिरंजीवियों में से एक हैं अश्वत्थामा। महाभारत के प्रमुख पात्रों में से एक अश्वत्थामा, ये कौरवों व पांडवों के गुरु द्रोणाचार्य के पुत्र थे। हनुमानजी आदि आठ अमर लोगों
इंदौर( पायल पांचाल) मेले तो आप सभी ने देखे है, पर ऐसा मेला ना आपने कही देखा होगा, ना कभी इस मेले के बारे मे सुना होगा। और ये मेला
सष्टि की उत्पत्ति से ही संसार में धर्म और संस्कृति के बारे में हमें जिन ग्रंथो से जानकारी मिलती है वह है पुराण, पुराण का अर्थ है प्राचीन आख्यान’ या
विश्व प्रसिद्ध श्रीनाथ मंदिर नाथद्वारा में विशेष पुण्यदायी महिनों में कई तरह के मनोरथ होते है। जिनका उद्देश्य भगवान श्रीनाथ जी को रिझाना है। भक्तों के द्वारा की गई तरह-तरह
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव और डॉ इशिता नर्मदा परिक्रमा पर निकले हैं। यह देश में पहला मामला है जब किसी सीएम के
भारत को दिव्यभूमि माना जाता है। जहां पर धर्म और ज्योतिषशास्त्र को माना जाता है और आज भी भारत देश में भविष्य जानने की इच्छा हर एक व्यक्ति में होती
“दक्षिण का कैलाश" कहा जाने वाला यह ज्योतिर्लिंग मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग है, जो आंध्र प्रदेश में कृष्णा नदी के तट पर एक पहाड़ी पर स्थित है।, जहाँ भगवान शिव (अर्जुन) माता
सोमनाथ मंदिर को 12 ज्योतिर्लिंगों में से पहला माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि सोमराज (चंद्रदेव) ने सबसे पहले सोमनाथ में सोने का मंदिर बनवाया था। जिसे बाद











