इन्दौर(विनोद गोयल)। संसार की दृष्टि से भगवान की लीलाओं का चाहे जो अर्थ-अनर्थ निकाला जाए, यह शाश्वत सत्य है कि यदि हमारी भक्ति अडिग और अखंड रहेगी तो भगवान को
(विनोद गोयल) इंदौर में शहर के प्रसिद्ध उपासना केंद्र श्री गोंदवले धाम (प्रजापत नगर) में इस वर्ष भी आध्यात्मिकता का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। ब्रह्मलीन संत श्री ब्रह्मचैतन्य गोंदवलेकर महाराज
(विनोद गोयल इंदौर) - स्वयं भगवान के श्रीमुख से जिस ग्रंथ की रचना हुई हो, वह कालजयी ग्रंथ ही होता है। भारत भूमि ही वह स्थान है जहां इतनी बड़ी
श्री श्री 1008 श्री गोपालदास जी महाराज, संत समागम संत रक्षा संगठन के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मनोनित
"संत समागम संत रक्षा संगठन" जो कि एक आध्यात्मिक और सामाजिक समूह है यह संगठन विनयकान्त जी महाराज के नेतृत्व में कार्य करता है वह इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष है। जिसका
विश्व प्रसिद्ध श्रीनाथ मंदिर नाथद्वारा में विशेष पुण्यदायी महिनों में कई तरह के मनोरथ होते है। जिनका उद्देश्य भगवान श्रीनाथ जी को रिझाना है। भक्तों के द्वारा की गई तरह-तरह
जीवन का आनंद भक्ति में है, भोग में नहीं। संसार का आनंद जड़ में नहीं, चैतन्य में होता है। केवल परमात्मा ही चैतन्य स्वरूप हैं, बाकी सब जड़ है। जितने
इंदौर में लगभग 350 वर्ष प्राचीन, लोहारपट्टी स्थित श्रीजी कल्याण धाम, खाड़ी के मंदिर पर भगवान श्रीजी, कल्याणजी एवं संकट हरण वीर हनुमानजी को समर्पित संगीतमय श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ
इंदौर केन्द्रीय सांई सेवा समिति से जुड़े साईं भक्तों का एक बड़ा जत्था मंगलवार को 13 दिवसीय पदयात्रा करते हुए बड़ा गणपति मंदिर पर पूजा, अर्चना एवं दर्शन के पश्चात
किसी भी राष्ट्र की वास्तविक उन्नति तभी संभव है जब हम अपनी मूल संस्कृति और संस्कारों को जीवित रखने का सार्थक पुरुषार्थ करें। समाज को नैतिक और सांस्कृतिक चेतना से
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई सफलता और अच्छी सेहत पाना चाहता है, लेकिन इसका सबसे बड़ा रहस्य हमारे प्राचीन आयुर्वेद और शास्त्रों में छिपा है। ऋषि-मुनियों से











