वृंदावन के ठाकुर राधावल्लभ मंदिर में खिचड़ी उत्सव की शुरुआत हुई। पौष मास के शुक्ल पक्ष की दौज पर, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और श्रीहित हरिवंश महाप्रभु के सेव्य
भारत को दिव्यभूमि माना जाता है। जहां पर धर्म और ज्योतिषशास्त्र को माना जाता है और आज भी भारत देश में भविष्य जानने की इच्छा हर एक व्यक्ति में होती
दान का महत्व जीवन में धर्म पालन, समस्याओं से मुक्ति, मन की शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा के संचार में है। यह केवल धन का नहीं, बल्कि अन्न, वस्त्र, ज्ञान और
इस दुनिया में सफलता पाने के लिए अथवा परलोक संवारने के लिए अगर आप देने और लेने का सिद्धान्त समझ गए तो आपको लोक-परलोक सहित इस ब्रह्माण्ड का एक सबसे
हिंदू धर्म में श्रीमद्भागवत गीता का विशेष महत्व है। श्रीमद्भागवत गीता हिंदू धर्म का पवित्र और महत्वपूर्ण ग्रंथ है। इसमें भगवान श्रीकृष्ण ने मानव जीवन के दुखों का मूल कारण
माघ मेला जिसे ‘मिनी कुंभ’भी कहा जाता है, हिंदू धर्म का एक प्राचीन और पवित्र धार्मिक आयोजन है। यह हर साल उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा, यमुना और सरस्वती
भगवान तो आस्था के भूखे होते है जहां भक्त का मन लग जाए तो उसे भगवान की ओर जाने से कोई नहीं रोक सकता विगत कुछ वर्षों में जब से
हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है। यह व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है। मान्यता
रामायण तो सबसे पढ़ी और देखी सुनी है जिसमें राम के भाई लक्ष्मण, भरत का तो काफी जगहों पर उल्लेख किया जाता है लेकिन शत्रुघ्न का कही अधिक उल्लेख नहीं
पूर्वजो का आर्शीवाद मिलता रहे तो व्यक्ति के जीवन में सुख-शांति बनी रही है। पितृ के प्रसन्न ना होने के कारण कई तरह की बाधाएं आती है। जहां पितृ पक्ष











