नर्मदा नदी के तट पर अदश्य साधु तपस्य़ा कर रहे है। इसका कोई प्रमाण तो नहीं मिलता क्योंकि यहां पर वे सभी साधु अदश्य रूप में मौजूद है। लेकिन जो
सैकड़ो वर्षों बाद आज फिर अयोध्या में राजवंश का ध्वज फहरेगा इसके साथ ही देश में रामराज्य स्थापना का शुभदिन आया है। इसको लेकर पूरे देश में उत्साह है। यह
दत्तात्रेय की योगधारा से लेकर शंकराचार्य के अद्वैत दर्शन तक — दण्डी संन्यासी परंपरा भारतीय आत्मा का सनातन प्रकाश है। पूरा लेख पढ़ें और जानें इस दिव्य परंपरा का रहस्य




