Eternal Hinduism

माँ नर्मदा रहस्य! तटों पर आज भी तपस्या कर रहे है कई अदश्य साधु

नर्मदा नदी के तट पर अदश्य साधु तपस्य़ा कर रहे है। इसका कोई प्रमाण तो नहीं मिलता क्योंकि यहां पर वे सभी साधु अदश्य रूप में मौजूद है। लेकिन जो सिद्ध संत होते है उन्हें उन अदश्य साधुओं का आभास होता है। यह आज के आधुनिक समय में तो अत्य़ंत कठिन है लेकिन कई लोगों को इसका साक्षात्कार भी होता है। नर्मदा परिक्रमा के दौरान परिक्रमा वासियों को कई ऐसे अनुभव होते है जो नर्मदा के तट पर अदश्य शक्तियों के होने का प्रमाण देती है।
संतो को दिखती है शक्तियां!
नर्मदा परिक्रमा के दौरान श्री अवधेश चैतन्य ब्रह्मचारी जी महाराज अपने यात्रा मार्ग में कई जगहों पर कई अदश्य शक्तियों की आराधना करते हुए देखे जा सकते है। वह परिक्रमा मार्ग पर कई जगहों उन अदश्य शक्तियों को नमन करते है कई जगहों पर उन्हें नारियल अर्पित करते हुए देखे जा सकते है। इसके साथ ही उनका आर्शीवाद लेते है। यह भक्त तो बड़े कौतूहल से देखते है लेकिन उन्हें कुछ नहीं दिखता। भक्तों के मन में प्रश्न तो आते है पर गुरू की महिमा मान कर सब इसे नर्मदा का पुजन अर्चन मानते है। लेकिन जिस तरह से नर्मदा परिक्रमा के दौरान एक सिद्ध संत ने पुजा अर्चना की है उससे इस बात की तो पुष्टि होती है कि नर्मदा के किनारे पर आज भी कई साधु तपस्या कर रहे है।

एक भक्त को दिखा पर्वत पर त्रिशूल

एक भक्त ने अपने अनुभव में बताया है कि वह धाराजी के घने जंगल में नाव से घुमने निकला था लेकिन उसे माँ नर्मदा के दक्षिण तट पर ऊपर पहाड़ी पर एक त्रिशूल लगा दिखाई दिया। वह नाव से उस स्थल पर गये तो दुर्गम पहाड़ी चढ़े, जो पहाड़ी चढना भी कुछ कठिन था क्योंकि जगह बहुत कम थी। ऊपर पहाड नीचे माँ नर्मदा छोटे से 5-6 इंच की जगह थी जिसमें हम पांव जमाते जमाते चढे। ऊपर पहुंचे जहां पर त्रिशूल लगा था वहां पर पहुँचने के बाद हम उस स्थान को देखकर स्तब्ध रह गए। ऐसा लगा था कि जैसे कोई महात्मा वो त्रिशूल धारण किए हों वह महात्मा स्वयं पाषाण के रूप में हो और माँ नर्मदा को निहार रहे हो। वह भक्त वहां पर काफी देर बैठे रहे।

उन्होने अपने अनुभव में यह बात साझा कि वहां पर बहुत अच्छा लगा उन तपस्या की तरगों को उन्होने महसूस किया।  जो हमे आनंदीत कर रही थी। ऐसा महसूस हो रहा था जैसे अभी भी हमारे आस-पास कोई न कोई साधु अपनी तपस्या में लीन है । माँ नर्मदा किनारे कई ऐसे अचंभित करने वाले स्थल हैं जो वास्तविक देखने पर लगते हैं कुछ तो है यहां…

रहस्यमयी है मां नर्मदा
ऐसे ही कई अनुभव नर्मदा परिक्रमावासी सुनाते हुए नजर आते है। जिन्हें कई जगहों पर मां नर्मदा की शक्ति का अहसास होत है। इस बात से शायद ही कोई परिक्रमावासी इंकार करेगा की मां नर्मदा के तट पर अदश्य शक्तियां आज भी मौजूद है जो आमव्यक्ति को दिखाई नहीं देती लेकिन उसे अनुभव कई लोग करते है।

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