इंदौर(विनोद गोयल)। 27 फरवरी को महाराष्ट्र शासन द्वारा मराठी भाषा गौरव दिवस के रुप में मनाने की घोषणा की गई हैं। इस दिन मराठी भाषा के मूर्धन्य कवि, नाटककार, ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता श्री विष्णु वामन शिरवाडकर का जन्म हुआ था. वे अपने लेखन ‘ कुसुमाग्रज’ नाम से करते थे। जनमानस में वह ‘तात्यासाहेब ‘ के नामसे मशहूर थे। “मुक्तसंवाद साहित्यिक समिती” द्वारा गत पांच वर्षो से इस अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है।
मराठी साहित्य के गौरवशाली पहलुओं की प्रस्तुति
इस कार्यक्रम के द्वारा मराठी साहित्य के विविध गौरवशाली पहलुओ को प्रस्तुत किया जाता है। प्रचार -प्रसार प्रमुख कीर्तिश धामारीकर और संयोजक रंजना ठाकुर ने विस्तार से जानकारी देते हुवें बताया कि इस वर्ष यह कार्यक्रम शुक्रवार को लोकमान्य नगर स्थित मंगल भवन मे सायं 6.30 को आयोजित किया गया है.
56 गीतों में लिखी में रामकथा
इस वर्ष की थीम है “बाल गीतरामायण” स्व.गजानन दिगंबर माडगूळकर द्वारा संपूर्ण रामकथा 56 गीतो में लिखी गई है. इन गीतों को स्व.सुधीर फडके ने विविध रागो में स्वरबद्ध किया है। अध्यक्ष मोहन रेडगांवकर और सचिव नीलेश हिरपाठक और सहसंयोजक पंकज नामजोशी ने बताया कि गीत रामायण की सरल शब्द रचना व कर्ण प्रिय संगीत के कारण ये रचना अत्यंत लोकप्रिय है. इस कालजयी रचना से युवा पीढी को परिचित कराने के उद्देश से मुक्तसंवाद ने मराठी गौरव दिवसपर “बाल गीतरामायण “का आयोजन किया है।
बाल कलाकारों को किया गया है प्रशिक्षित
कीर्तिश धामारीकर ने आगे जानकारी देते हुवें बताया कि गीत रामायण के चुनिंदा 16 गीतों का बाल कलाकारों द्वारा गायन किया जायेगा. इन कलाकारों को प्रशिक्षित किया है।
ऐसी की गई तैयारियां
विदुषी कल्पना झोकरकर द्वारा कुछ गीतों पर नृत्य भी प्रस्तुत किया जायेगा। नृत्य निर्देशन नृत्य गुरू डॉ.प्रियंका वैद्य व श्रीमती रंजना ठाकुर ने किया है, सूत्रसंचालन बालक अबीर पहूरकर व आरोही शास्त्री द्वारा किया जायेगा. इसके लिए इन्हे विश्वेश शिधोरेने प्रशिक्षित किया है। विनित नवाथे ने बताया कि कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि ड़ॉ. अजित मराठे होकर अध्यक्षता करेंगे।


