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हंसदास मठ पर नीलकंठेश्वर के रूप में समुद्र मंथन लीला की झांकी देखने उमड़े श्रद्धालु

हंसदास मठ पर नीलकंठेश्वर के रूप में समुद्र मंथन लीला की झांकी देखने उमड़े श्रद्धालु

 

इंदौर। एरोड्रम रोड, पीलियाखाल स्थित प्राचीन हंसदास मठ पर श्रावण के दूसरे सोमवार को हंसेश्वर महादेव का नीलकंठेश्वर के रूप में देव-असुर संग्राम और समुद्र मंथन लीला का मनोहारी दृश्य झांकी के रूप में देखने के लिए संध्या को भक्तों का मेला जुटा रहा। झांकी में भगवान शिव को समुद्र मंथन में निकले विष का पान करते हुए दिखाया गया था। महामंडलेश्वर महंत पवनदास महाराज ने बताया कि मठ पर विद्वान पंडितों ने हंस पीठाधीश्वर श्रीमहंत स्वामी रामचरणदास महाराज के सानिध्य में श्रावण मास के उपलक्ष्य में सोमवार को हंसेश्वर महादेव का सूखे मेवे, फूलों, पत्तियों एवं सुगंधित द्रव्यों से नीलकंठेश्वर के रूप में मनोहारी श्रृंगार किया। सुबह विद्वान आचार्यों द्वारा अभिषेक, पूजन के अनुष्ठान किए गए। इस अवसर पर मठ स्थित सभी देवालयों का आकर्षक श्रृंगार भी किया गया। मठ पर दिनभर भक्तों द्वारा पूजा-अर्चना का सिलसिला चलता रहा। संध्या को हंसेश्वर महादेव का श्रृंगार दर्शन करने के लिए भक्तों का मेला जुटा रहा। मठ स्थित सभी देवालयों का मनोहारी पुष्प श्रृंगार देखने के लिए देर रात तक भक्तों की आवाजाही बनी रही। फलाहारी प्रसाद का वितरण भी किया गया

 

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