NEWS

हंसदास मठ पर परमा एकादशी के शुभ प्रसंग पर रणछोड़जी-लक्ष्मीजी की 1008 नाम से पुष्पार्चना

हंसदास मठ पर परमा एकादशी के शुभ प्रसंग पर रणछोड़जी-लक्ष्मीजी की 1008 नाम से पुष्पार्चना

दिनभर उमड़ता रहा भक्तों का सैलाब – संध्या को मनाया गया नौका विहार का जीवंत उत्सव

 

इंदौर। एयरपोर्ट रोड, पीलियाखाल स्थित प्राचीन हंसदास मठ पर पुरुषोत्तम मास की परमा एकादशी के शुभ संयोग पर भगवान रणछोड़जी एवं लक्ष्मीजी की 1008 नाम से पुष्प अर्चना की गई। सुबह से शाम तक सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हंसपीठाधीश्वर श्री महंत रामचरणदास महाराज के मार्गदर्शन में चल रहे 108 श्रीमद भागवत एवं रामायण पारायण के अनुष्ठान में संध्या को नौका विहार का जीवंत उत्सव भी मनाया गया जिसमें रणछोड़जी एवं लक्ष्मीजी की नौका में स्वयं हनुमानजी सारथी बनकर शामिल हुए। उत्सव में मठ में स्थापित अन्य देवी-देवताओं को भी विराजित कर नौका विहार कराया गया।

मठ के महामंडलेश्वर महंत पवनदास महाराज ने बताया कि इस अवसर पर राज्य के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, एमआईसी सदस्य निरंजन सिंह चौहान गुड्डू, पार्षद संध्या यादव, गोविन्द पंवार, जयदीप जैन, राजेश शर्मा, अनिकेत पाठक, तनय शर्मा, आदित्य गोस्वामी एवं रामकुमार शर्मा सहित अनेक विशिष्टजनों ने मन्दिर आकर भागवत पारायण कर रहे विद्वानों का सम्मान एवं पूजन किया। परमा एकादशी के संयोग पर गुरुवार को मठ पर सुबह से ही भागवत पूजन के लिए भक्तों का सैलाब बना रहा। आचार्य पं. राजेश शास्त्री के निर्देशन में चल रहे पारायण में प्रतिदिन भक्तों के समूह आकर पूजन-अर्चन कर रहे हैं। मठ के संत यजत्रदास के अनुसार पुरुषोत्तम मास के दौरान मठ स्थित रजत मंडित पंचमुखी हनुमान, रणछोड़जी, टीकमजी, हंसेश्वर महादेव सहित सभी देवी-देवताओं का नयनाभिराम श्रृंगार किया जा रहा

है।

 

Shares: