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Surajkund Narmada Parikrama

नर्मदा परिक्रमा 2025: 11वें दिन खलघाट की ओर बढ़ी दाता श्री की पवित्र यात्रा

सूरजकुंड धाम, राजस्थान से प्रारंभ हुई दाता श्री अवधेश चैतन्य जी महाराज की नर्मदा परिक्रमा अपने 11वें दिन में प्रवेश कर गई है। आज, 17 नवंबर 2025 को यह आध्यात्मिक
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क्यों की जाती है उल्टी बहने वाली मां नर्मदा की परिक्रमा? आइए जानते है

विश्व की एकमात्र नदी है मां नर्मदा जिसकी परिक्रमा की जाती है।  लेकिन प्रश्न यह उठता है कि जब नदीं उल्टी दिशा में बहती है तो उल्टी दिशा में बहने
Surajkund Narmada parikrama
Surajkund Narmada Parikrama

नर्मदा परिक्रमा 2025: दसवें दिन श्री अवधेश चैतन्य जी महाराज की पवित्र यात्रा जारी

सूरजकुंड, 15 नवंबर 2025 (दिव्यभूमि न्यूज): हिंदू धर्म की पवित्र परंपराओं में नर्मदा परिक्रमा एक अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थयात्रा मानी जाती है, जो भक्तों को आत्मिक शुद्धि और मोक्ष की ओर
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प्रेम से प्रण तक एक अनकही प्रेमकहानी “मां नर्मदा”

मां नर्मदा अपने प्रण को पूरा करने वाली नदी है। इसलिए साधु संत मां नर्मदा के किनारे तपस्या करते है जिससे उनका आध्यात्मिक प्रण पुरा होता है। मां नर्मदा ने
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Day 9 – Surajkund Narmada Parikrama

नर्मदा परिक्रमा के नौवें दिन का शुभारंभ ढालखेड़ा अन्नपूर्णा आश्रम से हुआ, जिसका नेतृत्व सूरजकुंड के महामहिम दाता श्री अवधेश चैतन्य ब्रह्मचारी जी महाराज कर रहे हैं। दक्षिणी तट (दक्षिण
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Day -8 Surajkund Narmada Parikrama 2025

दाता श्री अवधेश चैतन्य ब्रह्मचारी जी महाराज के नेतृत्व में यात्रा नर्मदा के दक्षिणी तट पर आगे बढ़ी। मार्ग में जलकोटी स्थित एकमुखी दत्त मंदिर (महेश्वर से 5 किमी) का
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दण्डी स्वामी परंपरा : दत्तात्रेय से शंकराचार्य तक – त्याग, ज्ञान और नारायण स्वरूप की अखंड धारा

दत्तात्रेय की योगधारा से लेकर शंकराचार्य के अद्वैत दर्शन तक — दण्डी संन्यासी परंपरा भारतीय आत्मा का सनातन प्रकाश है। पूरा लेख पढ़ें और जानें इस दिव्य परंपरा का रहस्य
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जीवन को बदलने वाली मां नर्मदा परिक्रमा, खोल देती है ज्ञान के मार्ग

मां नर्मदा जो सांसरिक लोगों के लिए मात्र एक नदी हो सकती है लेकिन आध्यात्मिक मार्ग पर चलने वाले लोगों के लिए यह एक प्रेरणा है। यह एक ऐसी नदी
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भौतिकता से जीवन के यथार्थ की ओर यात्रा कराती मां नर्मदा परिक्रमा

मां नर्मदा, जिसे भौतिक जगत में नदी कहा जाता है। लेकिन जब इसे आध्यत्मिक रूप से देखा जाता है तो मां नर्मदा जीवन को बदलने वाली आत्म शुद्दि स्वरूपा दिखाई