Surajkund Narmada Parikrama

नर्मदा परिक्रमा 2025: 11वें दिन खलघाट की ओर बढ़ी दाता श्री की पवित्र यात्रा

सूरजकुंड धाम, राजस्थान से प्रारंभ हुई दाता श्री अवधेश चैतन्य जी महाराज की नर्मदा परिक्रमा अपने 11वें दिन में प्रवेश कर गई है। आज, 17 नवंबर 2025 को यह आध्यात्मिक यात्रा खलघाट की ओर बढ़ी, जो मध्य प्रदेश के पवित्र नर्मदा तट पर स्थित एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। इस यात्रा ने भोइंदा ग्राम के हनुमान मंदिर से प्रेरणा ली और आगे ब्रह्मणपुरा ग्राम तक पहुंची, जहां भक्तों ने मंत्रोच्चार के साथ नदी की पूजा-अर्चना की।
दिव्यभूमि डेस्क, 15 नवंबर 2025, सुबह 09:19 IST
सूरजकुंड धाम, राजस्थान से प्रारंभ हुई दाता श्री अवधेश चैतन्य जी महाराज की नर्मदा परिक्रमा अपने 11वें दिन में प्रवेश कर गई है।
आज, 15 नवंबर 2025 को यह आध्यात्मिक यात्रा खलघाट की ओर बढ़ी, जो मध्य प्रदेश के पवित्र नर्मदा तट पर स्थित एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। इस यात्रा ने भोइंदा ग्राम के हनुमान मंदिर से प्रेरणा ली और आगे ब्रह्मणपुरा ग्राम तक पहुंची, जहां भक्तों ने मंत्रोच्चार के साथ नदी की पूजा-अर्चना की।यात्रा का मार्ग और आध्यात्मिक उत्साह 11वें दिन की परिक्रमा सुबह भोइंदा ग्राम के हनुमान मंदिर से शुरू हुई, जहां साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने भगवान हनुमान की पूजा की। इसके बाद यह पवित्र जत्था खलघाट की ओर अग्रसर हुआ, जो नर्मदा परिक्रमा के दौरान एक प्रमुख धार्मिक स्थल के रूप में जाना जाता है। यात्रा के दौरान ब्रह्मणपुरा ग्राम में विश्राम के समय भक्तों ने “ॐ नमो नारायण” के जाप के साथ अपनी भक्ति व्यक्त की।
  
यह यात्रा न केवल शारीरिक सहनशक्ति की परीक्षा है, बल्कि आध्यात्मिक शांति और समर्पण का भी प्रतीक है।धार्मिक महत्वनर्मदा परिक्रमा हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र मानी जाती है, और स्कंद पुराण के रेवा खंड में इसके आध्यात्मिक लाभों का उल्लेख मिलता है। खलघाट जैसे स्थल नर्मदा तट पर बने मंदिरों और तीर्थों के लिए प्रसिद्ध हैं, जो इस यात्रा को और भी विशेष बनाते हैं। भोइंदा के हनुमान मंदिर और ब्रह्मणपुरा ग्राम के प्राकृतिक सौंदर्य ने इस दिन को भक्तों के लिए यादगार बना दिया। मान्यता है कि नर्मदा की परिक्रमा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है, और यह यात्रा हजारों श्रद्धालुओं को प्रेरित करती है।

सोशल मीडिया पर चर्चा इस यात्रा की ताजा अपडेट्स सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जहां भक्त अपनी श्रद्धा व्यक्त कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “दाता श्री की अगुवाई में यह परिक्रमा हमें आध्यात्मिक ऊर्जा से भर रही है। ॐ नमो नारायण।” भक्तों का उत्साह दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है, और इस पवित्र अनुष्ठान में शामिल होने की इच्छा रखने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ रही है।आगे का सफर12वें दिन की परिक्रमा के लिए साधु-संत और श्रद्धालु नर्मदा तट पर स्थित अन्य धार्मिक स्थलों की ओर बढ़ेंगे।
दिव्यभूमि की टीम इस पवित्र यात्रा की हर नई जानकारी आपके लिए लाती रहेगी। यदि आप इस आध्यात्मिक यात्रा से जुड़ना चाहते हैं या इसके बारे में और जानना चाहते हैं, तो हमारे ब्लॉग divybhumi.com पर नियमित रूप से बने रहें।
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