Surajkund Narmada Parikrama

नर्मदा परिक्रमा का 12वां दिन: आस्था का पवित्र सफर जारी

पुराणों के अनुसार, इस परिक्रमा को 12 करोड़ अन्य पवित्र स्थलों की परिक्रमा के बराबर पुण्यदायी माना जाता है, जो इस यात्रा की महानता को बढ़ाता है। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के आदिवासी इलाकों से होकर गुजरती यह यात्रा आध्यात्मिक शुद्धि के साथ-साथ प्रकृति और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव का अवसर भी प्रदान करती है।
Surajkund narmada parikrama 2025
कुंभलगढ़, राजसमंद – पवित्र नर्मदा नदी की 3,300 किलोमीटर लंबी परिक्रमा, जो हिंदू धर्म में गहरी आध्यात्मिकता का प्रतीक है, आज अपने 12वें दिन में पहुँच गई है।यह पवित्र यात्रा ब्राह्मण गांव के पास एक शिव मंदिर से शुरू होकर लखन गांव की ओर बढ़ रही है, जहाँ प्रकृति की सुंदरता और श्रद्धा का अनुपम संगम देखने को मिल रहा है।
Surajkund narmada parikrama 2025
सूरजकुंड धाम, जो कुंभलगढ़ क्षेत्र में स्थित है, इस यात्रा से जुड़े आध्यात्मिक मार्गदर्शन का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।यात्रा में शामिल श्रद्धालु, केसरिया और लाल वस्त्रों में सजे, धूल भरे रास्तों पर चलते हुए प्रकृति के साथ एक गहरा बंधन महसूस कर रहे हैं। पेड़ों से घिरे मार्ग और पीले रंग की दीवारें इस यात्रा को और भी मनोहारी बनाती हैं। रास्ते में एक शांत जलाशय के किनारे रुककर तीर्थयात्रियों ने मिट्टी के दीपक और चलने की छड़ियों के साथ प्रार्थना की, जो नर्मदा माँ के प्रति उनकी अपार श्रद्धा को दर्शाता है।
Surajkund narmada parikrama 2025
पुराणों के अनुसार, इस परिक्रमा को 12 करोड़ अन्य पवित्र स्थलों की परिक्रमा के बराबर पुण्यदायी माना जाता है, जो इस यात्रा की महानता को बढ़ाता है। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के आदिवासी इलाकों से होकर गुजरती यह यात्रा आध्यात्मिक शुद्धि के साथ-साथ प्रकृति और सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव का अवसर भी प्रदान करती है।
स्थानीय समुदायों ने तीर्थयात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया है, जिससे एकता और भाईचारे की भावना और मजबूत हुई है।
यह पवित्र अभियान श्रद्धालुओं की अटूट निष्ठा और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक बना हुआ है। 
दिव्यभूमि की टीम इस पवित्र यात्रा की हर नई जानकारी आपके लिए लाती रहेगी। यदि आप इस आध्यात्मिक यात्रा से जुड़ना चाहते हैं या इसके बारे में और जानना चाहते हैं, तो हमारे ब्लॉग divybhumi.com पर नियमित रूप से बने रहें।
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