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तेज़ रफ्तार बदलाव की ओर बढ़ता रेल नेटवर्क- महाप्रबंधक ने किया रतलाम–चित्तौड़गढ़ सेक्शन पर निरीक्षण

रतलाम। पश्चिम रेलवे में सुधार और सुरक्षा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के उद्देश्य से महाप्रबंधक (प्रभारी) प्रदीप कुमार ने रतलाम–चित्तौड़गढ़ रेलखंड का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण किया। यह निरीक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि रेल संरक्षा और संचालन व्यवस्था की जमीनी हकीकत को परखने का एक बड़ा कदम रहा।

चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान सिग्नलिंग सिस्टम, ट्रैक की गुणवत्ता, पुलों की मजबूती और विद्युतीकरण कार्यों की बारीकी से जांच की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि “रेल सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है” और इसी दिशा में नियमित निरीक्षण लगातार जारी हैं।
निरीक्षण के दौरान नीमच–रतलाम रेलखंड के बहुप्रतीक्षित दोहरीकरण कार्य का भी जायजा लिया गया। यह परियोजना अब अपने अंतिम चरण में है। खास बात यह है कि मंदसौर–दलौदा और रतलाम–धौसवास के लगभग 18 किलोमीटर हिस्से में काम तेजी से पूरा होने की ओर है। इसके पूर्ण होते ही चित्तौड़गढ़–रतलाम सेक्शन पूरी तरह डबल लाइन में बदल जाएगा, जिससे ट्रेनों की आवाजाही होगी और भी तेज, सुगम और समयबद्ध।

यात्रियों के लिए राहत की बात यह है कि इस दोहरीकरण से क्रॉसिंग की समस्याएं खत्म होंगी और यात्रा समय में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।

मंदसौर रेलवे स्टेशन पर चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए महाप्रबंधक ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। यहां नई स्टेशन बिल्डिंग, फुट ओवर ब्रिज और आधुनिक यात्री सुविधाएं तेजी से आकार ले रही हैं।

वहीं, चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास को लेकर भी बड़ी खबर सामने आई है। यह योजना अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और जल्द ही इसका काम शुरू होने की उम्मीद है, जिससे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।

इस निरीक्षण के दौरान मंडल रेल प्रबंधक अश्वनी कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पश्चिम रेलवे लगातार अपने नेटवर्क को मजबूत, सुरक्षित और यात्री सुविधाओं से भरपूर बनाने की दिशा में काम कर रहा है।

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