श्री विद्याधाम पर अर्धनारीश्वर, माँ हरसिद्धि एवं भूत भावन महाकाल के रूप में सजे भोलेनाथ
इंदौर। विमानतल मार्ग स्थित श्री श्रीविद्याधाम पर महामंडलेश्वर स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के सानिध्य में चल रहे श्रावणी अनुष्ठान के दौरान सोमवार शाम अर्धनारीश्वर, माँ हरसिद्धि एवं भूत भावन भगवान महाकाल की अनुपम और मनोहारी झांकी का निर्माण किया गया, जिसके दर्शन शाम 6 बजे से देर रात तक खुले रहे। आश्रम पर देश की समृद्धि और जन कल्याण के उद्देश्य से 21 विद्वान आचार्यों एवं ब्राह्मणों द्वारा विशेष आराधना की गई। शिव मंदिर पर गर्भ गृह में भगवान अर्धनारीश्वर, भगवान महाकालेश्वर और उनके निकट माँ हरसिद्धि के रूप में किए गए श्रृंगार के दर्शनार्थ भक्तों का मेला जुटा रहा।
आश्रम परिवार के पं. दिनेश शर्मा, राजेन्द्र महाजन एवं रमेश राठौर ने बताया कि श्रावणी अनुष्ठान में प्रतिदिन संध्या को लक्ष्यार्चन आराधना एवं शिव महिम्न स्त्रोत के पाठ सहित भगवान शिवाशिव की आराधना के विभिन्न अनुष्ठान जारी हैं। प्रतिदिन गौदुग्ध, दही, गोघृत, मधु, गन्ने के रस, तीर्थ जल, तिल्ली के तेल आदि पदार्थों से अभिषेकात्मक लघु रुद्र के अनुष्ठान भी किए जा रहे हैं। भगवान पारदेश्वर का गौदुग्ध एवं तीर्थ जल से अखंड अभिषेक भी सावन के पहले दिन से ही किया जा रहा है। आश्रम पर चल रहे श्रावणी अनुष्ठान का समापन शुक्रवार 28 अगस्त को होगा। इसके साथ ही आश्रम पर सवा करोड़ लक्षार्चन आराधना का संकल्प भी पूरा होगा।


