Eternal Hinduism

माँ की भक्ति का रंग सबसे पक्का, जो जीवनभर न उतरता- महामंडलेश्वर स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती

इंदौर(विनोद गोयल)। रंगपंचमी के पावन अवसर पर विमानतल मार्ग स्थित श्री श्रीविद्याधाम आश्रम भक्ति, उल्लास और आध्यात्मिक रंगों से सराबोर हो उठा। यहाँ माँ राजराजेश्वरी जगदम्बा के सानिध्य में सुगंधित गुलाल, इत्र और फूलों की वर्षा के बीच भव्य और गरिमामय रंगोत्सव मनाया गया। आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के आशीर्वाद से आयोजित इस अनूठे उत्सव में तीन हजार से अधिक भक्तों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ भाग लेकर रंगपंचमी की खुशियाँ मनाईं।

आश्रम परिवार के सुरेश शाहरा, पं. दिनेश शर्मा और राजेन्द्र महाजन ने बताया कि परंपरा के अनुसार उत्सव की शुरुआत मातृशक्तियों द्वारा माँ राजराजेश्वरी जगदम्बा के साथ फूलों, प्राकृतिक रंगों और अरारोट युक्त सुगंधित गुलाल से होली खेलकर की गई। वातावरण में भक्ति के रंग घुल गए जब भक्तों ने एक-दूसरे पर गुलाल और फूल बरसाकर रंगोत्सव की शुभकामनाएँ दीं।

महामंडलेश्वर स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने उपस्थित भक्तों को चंदन, केसर और गुलाल का तिलक लगाकर आशीर्वाद दिया। इस दौरान सैकड़ों महिलाओं ने माँ भगवती के समक्ष लगभग दो घंटे तक फाग नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियाँ देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

विशेष बात यह रही कि पूरे आयोजन में पानी का उपयोग नहीं किया गया और केवल प्राकृतिक रंगों, फूलों और इत्र से ही रंगोत्सव मनाया गया। भक्तों ने माँ जगदम्बा से समाज में सद्भाव, शहर में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।

इस अवसर पर स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने कहा कि माँ की भक्ति का रंग सबसे पक्का होता है—जो जीवनभर न उतरता है और न ही फीका पड़ता है। उन्होंने सभी को संदेश दिया कि रंगों के इस पर्व पर हम परिवार, समाज और राष्ट्र में प्रेम, सद्भाव और सकारात्मक परिवर्तन का संकल्प लें, तभी इस उत्सव की सच्ची सार्थकता होगी।

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