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Surajkund Narmada Parikrama

संतश्री अवधेश चेतन्य बह्मचारी महाराज की नर्मदा परिक्रमा है सबसे निराली

राजस्थान के राजसंमद जिले की कुंभलगढ़ तहसील में स्थित सुरजकुंड दिव्य धाम के संतश्री अवधेश चेतन्य बह्मचारी महाराज की नर्मदा परिक्रमा को लगभग 16 दिन हो चुके है। यात्रा 17 वें दिन में प्रवेश कर चुकी है। यात्रा के दौरान संतश्री का आर्शीवाद लेने के लिए भक्तो की भीड़ उमड़ रही है। दाताश्री पैदल नर्मदा परिक्रमा के दौरान यात्रा मार्ग में आने वाले मंदिरों में प्रभु का दर्शन कर रहै तो वहीं रात्रि विश्राम के दौरान ग्रामीणों के साथ भजन- कीर्तन कर रहे है।

दुर्गम मार्ग पर तय कर रहे परिक्रमा
संतश्री नर्मदा परिक्रमा मार्ग में दुर्गम स्थलों से यात्रा कर रहे है। जहां नर्मदा का तट करीब हो ऐसी यात्रा में उन्हैं कई दुर्गम मार्गों से यात्रा की जिसके चलते उनके पैर में चोटें लग गई।

मार्ग में दिखा ग्रामीणों का अपार उत्साह
नर्मदा परिक्रमा के दौरान कई भक्त उन्हें रूकने और ठहरने का आग्रह करते है वह कई लोगों के अतिथ्य स्वीकार कर उनके द्वारा दिए गए जल पान के गृहण कर रहै है। कभी मार्ग में मिलने वाली बुजूर्ग मां उन्हें जल लेकर खड़ी रहती है तो वह मां का संबोधन दे कर उनके द्वारा दिए गए जल को गृहण करते है।

भक्तों की अपार भक्ति
रास्ते के दुर्गम मार्ग पर चलते हुए भक्तों की अपार भक्ति देखने को मिल रही है। भक्त संतश्री के चरणों का आर्शीवाद ले रहै है तो कही उनके मार्ग में फूल बिछा कर उनका अभिनंदन कर रहे है।

डमरू की ध्वनी पर आगे बढ़ रही यात्रा
यात्रा मार्ग पर दाताश्री के साथ कुछ ही लोग नर्मदा परिक्रमा पर निकले है। इसमें यात्रा मार्ग पर संतश्री के साथ चलने वाले साधु संत डमरू बजा रहे है। डमरू की आवाज के साथ ही परिक्रमा मार्ग पर कई भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है।

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