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वीर सावरकर दूरदृष्टा विचारक, पर सत्ताधारी दल के द्वेष का शिकार हुए- सात्यकी सावरकर

इंदौर(विनोद गोयल) स्वातंत्र्यवीर सावरकर के जीवन पर आधारित सावरकर विचार दर्शन ग्रंथ खंडों का लोकार्पण पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने इंदौर में एक गरिमामय कार्यक्रम में किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि सावरकर स्वातंत्र्य वीर तो थे ही पर साथ ही विज्ञान निष्ठ, मराठी, हिन्दी भाषा के विद्वान थे. आपने संसदीय भाषावाली में भी अनेक शब्द दिए जो आज प्रचलन में है.

हिन्दूराष्ट्र प्रेरक कालातीत सावरकर
वीर सावरकर के पोते सात्यकी सावरकर ने ” हिन्दूराष्ट्र प्रेरक कालातीत सावरकर” विषय पर साधिकार उत्तेजक भाषण बोलते हुए कहां कि सावरकर को समझने में कुछ कमी रह गयी उनका व्यक्तिमत्व शोध और गहन अध्ययन का विषय है. उनका क्रांतिकारी स्वरूप ही सामने आता है पर श्रेष्ठ हिन्दू धर्म के अच्छे ज्ञाता थे, आपने हिन्दू धर्म को गहराइयों को गहराई अध्ययन किया और व्याप्त जातपात की छुआछूत की समस्याओं के विरुद्ध ना सिर्फ आवाज उठाई अपितु अपितु रत्नागिरी में….. मन्दिर स्थापना भी की ऐसा उदाहरण और किसी नेता – समाजसुधारक ने नहीं दिया है. कीर्तीश धामारीकर शास्त्री, अजय करंदीकर ने बताया कि इस गरिमामयी कार्यक्रम मे वीर सावरकरजी के सकाळ प्रकाशन द्वारा प्रकाशित ४ पुस्तक खंडो का लोकार्पण किया गया.

विज्ञान निष्ठ सावरकर
हिंदू निष्ठ सावरकर, विज्ञान निष्ठ सावरकर, भाषाभिमानी सावरकर, और साहित्यिक सावरकर. मंच पर ग्रंथो का विमोचन पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, कीर्तिश धामारीकर शास्त्री, सात्यकी सावरकर,श्रीकांत केळकर, अजय करंदीकर ने किया. दीप प्रज्वलन सुमित्रा महाजन, श्रीकांत केळकर, कीर्तिश धामारीकर शास्त्री, अजय करंदीकर ने किया.कार्यक्रम की शुरुआत वन्दे मातरम् के साथ हुई.अतिथियों का स्वागत गिरीश देशपांडे ने किया. कीर्तिश धामारीकर शास्त्री के संचालन ने कार्यक्रम को गरिमा के नवीन आयाम देने महत्त्वपूर्ण भूमिका प्रस्तुत की.सरस्वती वंदना गायन डॉ सुनंदा देवळे ने की.

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