इन्दौर(विनोद गोयल)। दिगम्बर जैन समाज(सामाजिक संसद),इन्दौर के नवनिर्वाचित अध्यक्ष विनय बाकलीवाल को एक गरिमा पूर्ण आयोजन में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति वी एस कोकजे ने पद की शपथ दिलाई। जाल सभागृह में 136 जिनालय के अध्यक्ष,मंत्री,प्रतिनिधि सहित समाज श्रेष्ठियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रहे। दिगम्बर जैन महासमिति,भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी,महिला महासभा,दिगम्बर जैन महासभा,दिगम्बर जैन परिषद के अध्यक्ष/प्रतिनिधि समर्थन देने उपस्थित हुए।
मंगलाचरण से कार्यक्रम का प्रारंभ
कार्यक्रम में चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन के साथ दिगम्बर जैन महासमिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक बड़जात्या ने साधारण सभा की कार्यवाही प्रारम्भ करते हुए दोनों निवृतमान अध्यक्षों से पूछा कि क्या विनय बाकलीवाल को अध्यक्ष घोषित करने के पूर्व आपने अपनी अपनी कार्यकारिणी से सहमति ले ली थी? राजकुमार पटौदी ओर नरेंद्र वेद ने स्पष्ट कहा कि सबकी सहमति थी और समन्वय समिति के सभी सदस्य बैठक में उपस्थित थे अध्यक्ष घोषणा की कार्यवाही पर सभी के हस्ताक्षर है।इसके बाद बड़जात्या ने सदन में उपस्थित जिनालयों के अध्यक्ष/मंत्री/प्रतिनिधि ओर समाज श्रेष्ठियों से पूछा कि क्या 7 जनवरी को पारित निर्णय पर आप सब सहमत है,अनुमोदन करते है?उपस्थित 450 समाज जन ने खड़े होकर अनुमोदन किया।
करतल ध्वनि से हर्ष व्यक्त किया
अशोक बड़जात्या ने घोषणा की कि साधारण सभा मे अनुमोदन से विनय बाकलीवाल के अध्यक्ष निर्वाचन को वैधता प्राप्त हो गयी है। करतल ध्वनि से सभी ने हर्ष व्यक्त किया। अशोक बड़जात्या ने अपने उद्बोधन में कहा कि समाज मे एकता और समन्वय से ही विकास और सौहार्द सम्भव है यदि दिगम्बर जैन समाज अपना खोया हुआ वर्चस्व पुनः प्राप्त करना चाहता है तो एक नेतृत्व पर विश्वास करना होगा।

विनय बाकलीवाल हर दृष्टि से सामर्थ्यवान
राजकुमार पाटोदी नरेंद्र वेद ने अपने उद्बोधन में 7 जनवरी की कार्यवाही की पुष्टि की।सुरेन्द्र जैन बाकलीवाल ने कहा कि समन्वय समिति सर्वाधिकार प्राप्त थी उसका निर्णय ओर आज साधारण सभा मे उसकी पुष्टि सामाजिक एकता का उद्देश्य पूर्ण करती है। पंडित प्रदीप शास्त्री ने कहा कि सामाजिक संसद के संविधान में परिवर्तन की आवश्यक्ता है मंदिर आधारित संविधान को मंदिर के साथ साथ जन आधारित भी बनाना होगा, अंतिम पंक्ति का समाज जन भी सहभागी हो। न्यायमूर्ति वी एस कोकजे ने जैन समाज के राष्ट्र निर्माण के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि समाज का नेतृत्व सक्षम हाथ में होने से अनेको समस्याओं का निराकरण आसान हो जाता है।
न्यायमूर्ति वी एस कोकजे ने दिलाई शपथ
कोकजे ने विनय बाकलीवाल को दिगम्बर जैन समाज के अध्यक्ष के रूप में पद की शपथ दिलाई। ओर समाज के कार्य पूरी जवाबदारी से निभाने की प्रेरणा दी। विनय बाकलीवाल ने अपने पूर्वाध्यक्षो सेठ हुकुमचंद कासलीवाल,राजा बहादुर सिंह कासलीवाल,महाराजा बहददुर सिंह कासलीवाल,देवकुमार सिंह कासलीवाल,हीरालाल झांझरी,बाबूलाल पाटोदी कैलाश वेद,प्रदीप कुमार सिंह कासलीवाल,राजकुमार पाटोदी,नरेंद्र वेद ने अपनी पूरी निष्ठा से समाज का कार्य किया।

सर्वप्रथम देव,शास्त्र,गुरु के प्रति वंदन,नमन
आज सन्त शिरोमणि आचार्य विधासागर जी महाराज का द्वितीय समाधि दिवस है उनके चरणों मे त्रीबार नमोस्तु। मेरा सौभाग्य है कि मुझे दिगम्बर जैन समाज की सेवा का अवसर आप लोगो ने प्रदान किया मैं आप सब के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करता हु। मेरा अभी तक का जीवन राजनीतिक रहा। छात्र जीवन से शहर कांग्रेस अध्यक्ष तक ओर उसके बाद कि राजनीति से मुझे हर वो लाभ,प्रसिद्धि प्राप्त हो चुका है जिसकी एक कार्यकर्ता अपेक्षा करता है।मैं समाज से कुछ लेने नही सेवा करने आया हुं।
समन्वय समिति बनाई
पिछले 7 वर्षों से समाज मे दो सामाजिक संसद कार्यरत थी। हमारे साधु परमेष्टि निर्देश दे चुके थे कि एक हो जाओ,एक करने के उद्देश्य से ही दोनों संस्थाओं ने मुझे समन्वयक बनाकर दोनों पक्ष के 3-3 सदस्य की समन्वय समिति बनाकर सभी विवादित बिंदुओं पर समन्वय पूर्वक निराकरण करने का दायित्व सौपा था ।मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि डेढ़ वर्ष की अवधि में लगभग 16 मीटिंगों में समन्वय समिति ने सभी बिंदुओं का सार्थक निराकरण कर लिया। होटल प्रेजिडेंट में 7 जनवरी को अंतिम बैठक में मतदाता सूची का प्रकाशन करना था मेने दोनों अध्यक्ष श्री राजकुमार पाटोदी ओर नरेंद्र वेद को भी आमंत्रित किया था।

सौहार्द पूर्ण वातावरण में सर्वानुमति से अंतिम सूची का प्रकाशन कर अपना प्रतिवेदन मेने बैठक में प्रस्तुत कर दिया था।अगले अध्यक्ष निर्वाचन हेतु प्रक्रिया और दिनांक पर चर्चा चल रही थी सभी एक मत थे कि पिछले डेढ़ वर्ष में कोई नकारात्मक गतिविधि नही हुई किंतु अभी सौहार्द मजबूत करने के लिए चुनाव टालना चाहिए क्योंकि चुनाव गुटबाज़ी का कारण बनेगा इस लिए किसी व्यक्ति को अभी कुछ समय के लिए सर्वसम्मत अध्यक्ष घोषित कर देना चाहिए जो आगे निर्वाचन सम्पन्न करा सके। सर्व सम्मत अध्यक्ष इस कार्यकाल के लिए निर्वाचित माना जाएगा।कुछ नामो पर चर्चा हुई इसी दौरान मुकेश टोंग्या जी ने मेरे नाम का प्रस्ताव अध्यक्ष हेतु रखा जिस पर राजकुमार पाटोदी,नरेंद्र वेद,एम के जैन,सुरेन्द्र बाकलीवाल,डीके जैन, एडवोकेट अरविंद जैन,देवेंद्र सोगानी ने अपना समर्थन व्यक्त किया।सभी की सहमति थी।समन्वय समिति दोनों संस्थाओ ने सर्वाधिकार देकर निर्मित की थी तो यह मानना पड़ेगा कि दोनों संस्थाओ के पदाधिकारी ओर सदस्यों की सहमति है,ओर एकता की बात है।मेने स्वीकृति दे दी बकायदा इस कार्यवाही की प्रोसिडिंग लिखी गयी और सभी ने हस्ताक्षर किए।
पद का मुझे लालच नही
स्पष्ट कर दु कि यूनिवर्सिटी अध्यक्ष, पार्षद,शहर कांग्रेस अध्यक्ष,प्रदेश महामंत्री जैसे पद का निर्वहन मैं कर चुका हूं,राजनीतिक शक्ति मेरे पास पहले से है। किसी पद का मुझे लालच नही था एकता,समन्वय,सौहार्द समाज मे बने इस हेतु मेने दायित्व स्वीकार किया। अतिथि भवन,चकित्सा सेवा,समाज के अल्प आय वर्ग की अपने सामर्थ्य से सहायता जैसे पवित्र उद्देश्य ओर देव शास्त्र गुरु के सेवा आराधना के अपने दायित्व के निर्वहन हेतु मेने इस पद को धारण करने की स्वीकृति दी।
कुछ विरोध के स्वर उठे है मैं उन सबसे भी व्यक्तिगत भेंट कर आया हु। में सविनय उनसे कहना चाहता हु कि जब आपको लगे कि सामाजिक सौहार्द मजबूत हो चुका है और चुनाव कराने योग्य वातावरण बन गया है मुझे कह देना मैं उसी दिन त्यागपत्र दे दूंगा।आइए हम सब मिलकर एक सशक्त समाज बनाए क्योकि पूरा देश नेतृत्व के लिए इन्दौर को देखता है।मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि में आपकी हर कसौटी पर खरा उतरने का प्रयत्न करूंगा। मैं आप सबके प्रति कृतज्ञता प्रकट करता हु आपके सेवक के रूप में उपस्थित हु। संचालन अनामिका बाकलीवाल ने किया। शांतिपाठ के साथ बैठक सम्पन्न हुई।समारोह में विशेष रूप से d.k. जैन, नकुल पटौदी, पिंकेश टोंग्या, जेनेश झांझरी, महावीर जैन, चिंतन जैन, नीलेश वेद,सुयश बाकलीवाल उपस्थित थे


