राजधानी भोपाल में भी हुई बाणेश्वरी कावड़ यात्रा की गूंज
यात्रा संयोजक एवं विधायक गोलू शुक्ला ने मुख्यमंत्री, स्पीकर एवं पार्टी अध्यक्ष को दिया यात्रा का न्योता
इंदौर। मालवांचल की सबसे बड़ी ‘बाणेश्वरी कावड़ यात्रा’ की गूंज मंगलवार को राजधानी भोपाल में भी होती रही। यात्रा संयोजक विधायक गोलू शुक्ला ने विधायक रमेश मेंदोला के साथ राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल एवं विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर से भेंट कर उन्हें इस यात्रा का न्योता भी दिया और संस्था बाणेश्वरी की ओर से स्मृति चिन्ह भी भेंट किए। मुख्यमंत्री सहित सभी वरिष्ठ नेताओं ने कावड़ यात्रा को भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्म के लिए गौरवशाली प्रसंग बताते हुए विधायक गोलू शुक्ला को आश्वस्त किया कि वे यात्रा के दौरान अपनी सुविधानुसार कहीं भी शामिल होकर इसका पुण्य लाभ अवश्य उठाएंगे। नेताओं से सौजन्य भेंट के दौरान भाजपा के नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा एवं अन्य सहयोगी साथी भी उपस्थित थे।
विधायक गोलू शुक्ला ने उन्हें बताया कि बाणेश्वरी कावड़ यात्रा इस बार रविवार 2 अगस्त को इंदौर से दोपहर 1 बजे बस द्वारा महेश्वर और वहां से सोमवार, 3 अगस्त को सुबह 7 बजे मां नर्मदा के दुग्धाभिषेक एवं चुनरी समर्पण के बाद महाकालेश्वर उज्जैन के लिए प्रस्थित होगी। कावड़ यात्रा का समापन उज्जैन में सोमवार 10 अगस्त को सुबह 4 बजे भगवान महाकालेश्वर के जलाभिषेक के साथ होगा।
यात्रा प्रभारी एवं भाजपा के नगर उपाध्यक्ष दीपेन्द्रसिंह सोलंकी ने बताया कि यात्रा में तीन हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल होंगे। यात्रा का यह 24वां वर्ष होगा। इस बार पर्यावरण एवं जल संरक्षण को बढ़ावा देने के आयोजन भी रात्रि विश्राम वाले स्थानों पर होंगे। उन्होंने बताया कि 3 अगस्त को सुबह 7 बजे महेश्वर से कावड़ पदयात्रा का शुभारंभ होगा। इसके पूर्व देवी अहिल्या की प्रतिमा पर माल्यार्पण, माँ नर्मदा का दुग्धाभिषेक एवं चुनरी समर्पण की रस्म वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संतों के सानिध्य में सम्पन्न होगी। यात्रा 3 अगस्त की शाम को गुजरी, 4 को मानपुर, 5 को महू, 6 को इंदौर, 7 को नगर भ्रमण के बाद रेवतीरेंज, 8 को पंथपिपलई और 9 को उज्जैन पहुंचकर रात्रि विश्राम के बाद 10 अगस्त को सुबह 4 बजे भगवान महाकालेश्वर के जलाभिषेक और उनसे प्रदेश में सुख, शांति एवं समृद्धि के साथ ही सुखद वर्षा की प्रार्थना के साथ यात्रा का समापन होगा। यात्रा के लिए पंजीयन की प्रक्रिया मरीमाता चौराहा स्थित कार्यालय पर नियमित रूप से चल रही है। अब तक 3 हजार से अधिक पंजीयन हो चुके हैं।


