हंसदास मठ पर पद्मिनी एकादशी के उपलक्ष्य में 1100 पुष्प एवं
तुलसी से की गई भगवान टीकमजी – रणछोड़जी की अर्चना
अधिकमास के उपलक्ष्य में मठ स्थित देवालयों पर विद्वान ब्राह्मणों के साथ भागवतजी की भी पूजा-अर्चना
इंदौर। एयरपोर्ट रोड, पीलियाखाल स्थित प्राचीन हंसदास मठ पर पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में 108 विद्वानों द्वारा महामंडलेश्वर श्रीमहंत स्वामी रामचरणदास महाराज एवं महामंडलेश्वर महंत पवनदास महाराज के सानिध्य में चल रहे 108 श्रीमद भागवत पारायण के दिव्य अनुष्ठान में बुधवार को पद्मिनी एकादशी के उपलक्ष्य में मठ स्थित भगवान पुरुषोत्तम, रणछोड़जी, पंचमुखी हनुमान, टीकमजी एवं हंसेश्वर महादेव सहित अन्य देवालयों पर 1100 पुष्प एवं तुलसी से पूजन-अर्चन किया गया। विद्वान ब्राह्मणों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सैकड़ों भक्तों ने भागवत का मूल पारायण कर रहे ब्राह्मणों का स्वागत कर भागवत जी का पूजन भी किया।
पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में मठ पर प्रतिदिन पूजन-अर्चन के लिए भक्तों के समूह उमड़ रहे हैं। मठ पर विद्वानों द्वारा “ओम नमः भगवतै वासुदेवाय” तथा अन्य महामन्त्रों के जाप्यानुष्ठान का सिलसिला भी पहले दिन से ही जारी है। मठ परिसर स्थित गौशाला में भी प्रतिदिन सुबह गौसेवा करने वाले भक्तों का ताँता लगा हुआ है। मठ पर आचार्य पं. राजेश शास्त्री के निर्देशन में अधिकमास के प्रसंग पर विभिन्न शास्त्रोक्त अनुष्ठान चल रहे हैं।
पुजारी महंत अमितदास ने बताया कि मठ की परम्परा के अनुसार अधिकमास के उपलक्ष्य में पूरे माह प्रतिदिन सुबह 9 से 12 एवं शाम 4 से 7 बजे तक 108 विद्वानों द्वारा यह दिव्य अनुष्ठान किया जा रहा है जो 15 जून तक चलेगा। मठ पर प्रतिदिन आरती एवं ब्राह्मण तथा संतों के लिए प्रसादी की व्यवस्था भी जारी है। आगामी दिनों में मठ पर भगवान के नौका विहार, फूलों की होली, संगीतमय सुंदरकाण्ड पाठ और विभिन्न विशेष उत्सव भी आयोजित होंगे। सभी अनुष्ठान मठ स्थित देवी-देवताओं एवं आश्रम स्थित गौशाला में पल रही गौमाता की साक्षी में हो रहे हैं।


